बिहार में आसान होगा उद्योग के लिए जमीन अधिग्रहण, राजस्व विभाग ने जन विश्वास अधिनियम में किया संशोधन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) अधिनियम 2026 में जमीन से जुड़े प्रावधानों को संशोधित किया है।

सीएम सम्राट चौधरी। (सोशल मीडिया)
HighLights
जन विश्वास अधिनियम में भूमि संबंधी प्रावधानों में संशोधन।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अब उद्योग-कारोबार हेतु आसान।
औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, व्यवसायिक माहौल सुधरेगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) अधिनियम 2026 में जमीन से जुड़े प्रविधान में मामूली संशोधन किया है।
इसके तहत अधिकतम सीमा निर्धारण एवं अधिशेष भूमि अर्जन की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया तेज होगी।
जन विश्वास अधिनियम का उद्देश्य उन पुराने कानूनों में बदलाव है, जिनके कारण व्यवयसायिक और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
इस अधिनियम के लागू होने के बाद कारोबार एवं उद्योग के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान हो गई है। विधानसभा में 26 फरवरी को यह संशोधन विधेयक तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पेश किया था।
उस समय उन्होंने कहा था कि बिहार जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यवसायिक वातावरण को सरल, पारदर्शी और विश्वास आधारित बनाना है।
लघु एवं तकनीकी प्रकृति के अपराधों के अपराधिकरण को समाप्त कर व्यापार को प्रोत्साहन देने की दिशा में यह अहम कदम है।
वैसे यह अधिनियम केंद्र सरकार है, जिसे राज्य सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में लागू करती हैं। इस अधिनियम के पारित होने के कारण राज्य के विभिन्न कानूनों में छोटे अपराधों को गंभीर अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। कई मामलों में सजा के बदले जुर्माने का प्रविधान किया गया है।
