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GST क्षतिपूर्ति का अंतिम हिसाब: बिहार को 26970 करोड़, महाराष्ट्र-कर्नाटक राज्यों को मिली कई गुना बड़ी हिस्सेदारी

Published: Sun, 06 Sep 2026 08:00 AM (IST)

Bihar's GST Compensation: जीएसटी क्षतिपूर्ति के अंतिम आंकड़ों से पता चला है कि बिहार को 26,970 करोड़ रुपये मिले, जबकि ...और पढ़ें

क्षतिपूर्ति में बिहार की हिस्सेदारी सीमित

क्षतिपूर्ति में बिहार की हिस्सेदारी सीमित

HighLights

  1. बिहार को कुल 26,970 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति मिली।

  2. महाराष्ट्र, कर्नाटक को बिहार से कई गुना अधिक क्षतिपूर्ति प्राप्त हुई।

  3. क्षतिपूर्ति समाप्ति से बिहार के वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा।

विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना।Bihar's GST Compensation: जीएसटी क्षतिपूर्ति का अंतिम हिसाब सामने आने के साथ यह धारणा कमजोर पड़ती है कि उपभोक्ता राज्यों को इस व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, क्षतिपूर्ति की कुल 9,42,694.5 करोड़ रुपये की राशि में बिहार को 26,970 करोड़ रुपये मिले।

इसके मुकाबले महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों की हिस्सेदारी कहीं अधिक रही। इससे जीएसटी व्यवस्था में उपभोग, उत्पादन और राज्यवार राजस्व क्षमता के बीच का अंतर भी सामने आता है।

कुल क्षतिपूर्ति में बिहार की हिस्सेदारी सीमित

जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद जिन राज्यों ने राजस्व में संभावित कमी की आशंका जताई थी, उनके लिए क्षतिपूर्ति का प्रविधान किया गया। शुरुआती पांच वर्षों में राजस्व नुकसान की भरपाई की गारंटी थी।

बाद में क्षतिपूर्ति से जुड़े दायित्वों और ऋण-ब्याज के भुगतान के लिए व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया। मार्च 2026 में यह अवधि भी पूरी हो गई।

महाराष्ट्र को 1.22 लाख करोड़, कर्नाटक को 1.06 लाख करोड़

राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र 1,22,849.4 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे है। कर्नाटक को 1,06,765.6 करोड़ और गुजरात को 81,573.6 करोड़ रुपये मिले।

पंजाब को 66,568.3 करोड़, तमिलनाडु को 66,185.4 करोड़ और उत्तर प्रदेश को 55,156.1 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति मिली। बिहार 26,970 करोड़ रुपये के साथ इस सूची में नीचे है।

बिहार से ज्यादा क्षतिपूर्ति पाने वाले राज्यों की लंबी सूची

दिल्ली को 50,322.8 करोड़, केरल को 43,785.6 करोड़, पश्चिम बंगाल को 38,888.7 करोड़, मध्य प्रदेश को 37,201.2 करोड़, हरियाणा को 37,027.8 करोड़ और राजस्थान को 36,285.2 करोड़ रुपये मिले। ओडिशा को भी 29,095.2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति मिली, जो बिहार से अधिक है।

पहले पांच वर्षों में बिहार को सबसे ज्यादा राहत

बिहार को 2017-18 में 3,041 करोड़, 2018-19 में 2,571 करोड़ और 2019-20 में 3,524.8 करोड़ रुपये मिले। कोरोना काल के दौरान क्षतिपूर्ति राशि में बड़ी वृद्धि हुई।

2020-21 में बिहार को 8,264.3 करोड़ और 2021-22 में 8,760.7 करोड़ रुपये मिले। इसके बाद राशि तेजी से घटती गई।

2022-23 के बाद क्षतिपूर्ति में तेजी से गिरावट

2022-23 में बिहार को 183.7 करोड़ रुपये, 2023-24 में 398.2 करोड़ और 2024-25 में 104.7 करोड़ रुपये मिले।

2025-26 में बिहार के खाते में क्षतिपूर्ति के रूप में कोई राशि दर्ज नहीं है। सभी राज्यों को मिलाकर भी अंतिम वर्ष में राशि महज 94.3 करोड़ रुपये रही।

सेस से बिहार को 121.7 करोड़ का अधिशेष

क्षतिपूर्ति की व्यवस्था के लिए लक्जरी और कुछ विशेष वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर लगाया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिहार को अधिशेष उपकर के रूप में 121.7 करोड़ रुपये मिले, जबकि सभी राज्यों के बीच 6,883.4 करोड़ रुपये का वितरण हुआ।

बिहार को फायदा भी, लेकिन क्षतिपूर्ति बंद होने से दबाव

जीएसटी लागू होने के शुरुआती वर्षों में क्षतिपूर्ति ने बिहार के राजस्व में उतार-चढ़ाव के बीच बजट को सहारा दिया। हालांकि राज्य की अर्थव्यवस्था में विनिर्माण की तुलना में उपभोग की भूमिका अधिक है और औद्योगिक आधार अपेक्षाकृत सीमित है। ऐसे में क्षतिपूर्ति व्यवस्था खत्म होने के बाद राज्य के वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ने की आशंका स्वाभाविक है।

उपभोग आधारित व्यवस्था के बावजूद सामने आया विरोधाभास

जीएसटी को उपभोग आधारित कर व्यवस्था माना जाता है, यानी कर का लाभ उस स्थान से जुड़ता है जहां वस्तु या सेवा की खपत होती है।

इसके बावजूद क्षतिपूर्ति के अंतिम आंकड़ों में कई बड़े उत्पादक राज्यों को बिहार से कहीं अधिक राशि मिली। यही इस पूरे आंकड़े का सबसे महत्वपूर्ण विरोधाभास है।

राज्यवार जीएसटी क्षतिपूर्ति (करोड़ रुपये)

महाराष्ट्र  122849.4
कर्नाटक 106765.6
गुजरात 81573.6
पंजाब 66568.3
तमिलनाडु 66185.4
उत्तर प्रदेश 55156.1
दिल्ली 50322.8
केरल 43785.6
पश्चिम बंगाल 38888.7
मध्य प्रदेश 37201.2
हरियाणा 37027.8
राजस्थान 36285.2
ओडिशा 29095.2
बिहार  26970.0

वर्षवार जीएसटी क्षतिपूर्ति (करोड़ रुपये)

वित्तीय वर्ष बिहार सभी राज्य
2017-18 3041.0 41146.0
2018-19 2571.0 69275.0
2019-20 3524.8 120498.3
2020-21 8264.3 247196.5
2021-22 8760.7 256500.0
2022-23 183.7 149167.8
2023-24 398.2 44945.5
2024-25 104.7 6987.7
2025-26 0.0 94.3
अधिशेष उपकर 121.7 6883.4
कुल 26970.0 942694.5

''राजस्व संग्रहण की पूर्ववर्ती व्यवस्था की तुलना मेंं जीएसटी बिहार के लिए अधिक लाभप्रद रहा है। एक राष्ट्र-एक कर वाली इस व्यवस्था के जरिये समग्र रूप से खजाने में अच्छी आवक हो रही और कर की चोरी भी रुकी है।''

सुधांशु, अर्थशास्त्री, नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय