पटना [भुवनेश्वर वात्स्यायन]। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बिहार में इस कहावत की चर्चा खूब हो रही कि खाया-पिया कुछ नहीं और ग्लास फोड़ा बारह आना। राज्य के दलों को दिल्ली के बिहारी वोटरों ने ही नकार दिया। कई सीटों को लेकर यह चर्चा थी कि बिहारी वोटर ही वहां निर्णायक भूमिका में हैं लेकिन बिहार के दल उन्हें रास नहीं आए। एनडीए गठबंधन में जदयू और लोजपा तो मुकाबले में भी रहे पर राजद और हम (सेक्यूलर) की तो दुर्गति हो गयी। इन दलों को कहीं 12 तो कहीं 40 और कहीं 250 वोट से संतोष करना पड़ा। 

बुरारी में राजद के प्रत्याशी प्रमोद त्यागी को 2045, किरारी में मो. रियाजुद्दीन खान को 255, उत्तम नगर में शक्ति कुमार बिश्नोई को 340 और पालम में निर्मल कुमार सिंह को केवल 519 वोट ही मिले। सभी चार विधानसभा क्षेत्रों को जोड़कर राजद को दिल्ली चुनाव में महज 3150 वोट मिले।

जदयू व लोजपा दिल्ली में एनडीए गठबंधन के तहत तीन सीटों पर मैदान में थी। इन सीटों पर जीत-हार का अंतर तो काफी बड़ा रहा पर सीधे मुकाबले में रहकर इन दलों ने इज्जत जरूर बचा ली। बुरारी सीट पर जदयू के शैलेंद्र कुमार को 42003 वोट मिले जबकि यहां से विजयी रहे आप के संजीव झा को 116475 वोट मिले हैैं। संगम विहार विधानसभा क्षेत्र से लड़े जदयू प्रत्याशी शिवचरण लाल गुप्ता को 30803 वोट आए। वहीं इस सीट से जीते आप के दिनेश मोहनिया को 75345 वोट मिले। सीमापुरी से लोजपा के उम्मीदवार संत लाल 32284 वोट पा गए और विजयी रहे आप प्रत्याशी के निकटतम प्रतिद्वंदी रहे। आप प्रत्याशी राजेंद्र पाल गौतम को 88392 वोट मिले।

जीतन राम मांझी की पार्टी हम (सेक्यूलर) को दो सीटों को जोड़ मात्र 58 वोट आए। नयी दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ लड़ रहीं हम की प्रत्याशी अदिति शर्मा को 12 वोट मिले और पटपडग़ंज से आप के मनीष सिसोदिया के खिलाफ लड़ रहे हम के शत्रुघ्न कुमार सिंह को महज 46 वोट ही मिले। जाहिर है बिहार के लोगों ने ही बिहारी पार्टियों को तवज्जो नहीं दी। 

बिहार के दलों पर एक नजर

  • राजद चार विधानसभा क्षेत्रों में था और इनके कुल वोट रहे 3150
  • मांझी की पार्टी को दो विधानसभा क्षेत्रों में आए 58 वोट
  • जदयू और लोजपा सीधे मुकाबले में रह थोड़ी इज्जत बचायी

 

Posted By: Rajesh Thakur

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