ग्रामीण रोजगार में महिलाओं का दबदबा, बिहार में 125 दिन रोजगार की गारंटी वाली योजना के आंकड़े दिखा रहे तस्वीर
बिहार में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण रोजगार सृजन में महिलाओं की भागीदारी 57.86% है, जो 1.11 करोड़ मानव दिवस के बराबर है।

वीबी जीरामजी से बदल रही गांवों की तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में ग्रामीण रोजगार के सृजन में महिलाएं आगे हैं। विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत राज्य में अब तक सृजित 1 करोड़ 92 लाख 95 हजार मानव दिवस में 57.86% हिस्सेदारी महिलाओं की है।
उनके नाम 1 करोड़ 11 लाख 64 हजार मानव दिवस दर्ज हैं। इससे ग्रामीण रोजगार में महिलाओं की भागीदारी का पता चलता है।
ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का मतलब सिर्फ काम नहीं, बल्कि घर का खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज तक की जरूरतें पूरी करने का सहारा भी है।
ऐसे में योजना के तहत महिलाओं की भागीदारी बढ़ना परिवारों की आर्थिक मजबूती के लिहाज से अहम है। इसका असर भी दिखने लगा है।
100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी
नई योजना में प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के लिए सालाना रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त रोजगार मिल सकता है।
योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
डिजिटल हाजिरी से बढ़ेगी पारदर्शिता
इससे रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य है। डिजिटल हाजिरी, बायोमेट्रिक सत्यापन और निगरानी व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर है।
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, तीन महीने में सृजित मानव दिवस और उसमें महिलाओं की 57 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि योजना ग्रामीण रोजगार, जल संरक्षण और टिकाऊ विकास को मजबूती देने में सहायक होगी।
नोट-: यह खबर बिहार सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में दी गई जानकारी के आधार पर बनाई गई है।
