पटना, जेएनएन। हैदराबाद पुलिस ने महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और फिर हत्या के चारों आरोपितों को एनकाउंटर में मार गिराया है। आरोपितों को मिली सजा से बिहार में जहां लोगों के बीच खुशी की लहर है वहीं बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा ने इस एनकाउंटर को सही ठहराते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने ठीक किया है, दुष्कर्मियों को सीधे गोली मार देनी चाहिए।

हैदराबाद पुलिस को धन्यवाद देती हूं

उन्होंने कहा कि ये काम पहले ही होना चाहिए था। जो दोषी है, उसे सजा मिलनी ही चाहिए। मेरे सामने कई एेसे मामले आते हैं कि मामले में दोषी पकड़ा जाता है और फिर छूट जाता है, उसके बाद वह पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बनाने लगता है कि केस वापस लो नहीं तो तुम्हें मार डालेंगे, तुम्हारे परिवार को खत्म कर देंगे। इस वजह से लड़कियां, महिलाएं डरी-सहमी रहती थीं। लेकिन, हैदराबाद पुलिस ने जो दोषियों को सजा दी है ये काम पहले होना चाहिए था। 

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मैं हैदराबाद पुलिस को धन्यवाद देना चाहती हूं। इस एनकाउंटर की घटना के बाद महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी, अपने ऊपर हुए अत्याचार के खिलाफ खुल कर अपनी बात रखेंगी। पुलिस ने एकदम ठीक किया है। 

बिहार में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं

दिलमणि मिश्रा ने बक्सर के इटाढ़ी इलाके में हुई युवती की हत्या के मामले पर अपना दुख प्रकट करते हुए कहा कि एेसी घटनाओं ने बिहार में महिला सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। बक्सर पहुंची आयोग अध्यक्ष भी मानती हैं कि हर रोज आयोग में महिला उत्पीड़न के मामले आते हैं। कई बार पुलिस का रवैया भी पीड़िता के लिए ठीक नहीं होता है, जिस कारण पीड़िता को आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। 

बक्सर में भी दोहराई गई है हैदराबाद जैसी घटना

बता दें कि बिहार के बक्सर के इटाढ़ी इलाके में सुनसान खेत से मंगलवार को एक युवती का अधजला शव बरामद हुआ था। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जतायी जा रही है। उसे सिर में गोली मारी गई फिर उसे पेट्रोल छिड़क इस तरह शव को जलाया गया ताकि किसी को कोई साक्ष्य नहीं मिल सके। अबतक इस मामले में पुलिस शव की शिनाख्त भी नहीं कर सकी है। 

 बक्सर में हुई इस घटना ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद बिहार की पुलिस और महिलाओं के हक की रक्षा के लिए बना महिला आयोग भी इस बात को मानता है। बिहार की बात करें तो बिहार में भी महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़, अपहरण, दहेज के लिए हत्या एवं प्रताड़ना के मामलों में वृद्धि देखी गई है।

2019 में दर्ज हुए 433 मामले

पटना में हर रोज 4 से 5 मामले किसी न किसी थाने या हेल्पलाइन में बलात्कार, छेड़छाड़ या अपहरण के दर्ज होते हैं। 2019 में अब तक महिला उत्पीड़न के 433 मामले महिला हेल्पलाइन में दर्ज हैं जिसमे सबसे ज्यादा मामले डॉमेस्टिक वाइलेन्स के हैं जिनकी संख्या 268 है। दूसरे नंबर पर छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए है जो 95 है जबकि तीसरे नंबर पर दहेज उत्पीड़न के मामले हैं जिनकी संख्या 56 है यानी कि महिला घर के साथ-साथ बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं।

Posted By: Kajal Kumari

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