पटना, जागरण संवाददाता। Bihar Weather Forecast: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात वर्तमान में ओडिशा से गुजर रहा है। इसके कारण मंगलवार को बिहार के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस तरह की स्थिति बुधवार तक प्रदेश में बनी रहने की उम्मीद है। मंगलवार को बक्सर, रोहतास और अरवल में भारी बारिश हुई। राजधानी में 5.6 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि चक्रवात ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक जा सकता है। वहां पर कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र में तब्दील होकर समाप्त हो जाएगा। इस बीच पटना में मौसम खराब होने के कारण बेंगलुरु से पटना आ रही निजी विमानन कंपनी की एक फ्लाइट वाराणसी डायवर्ट कर दी गई।

दिन भर राजधानी में बारिश

चक्रवात के कारण मंगलवार को राजधानी समेत पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश से राजधानीवासियों को गर्मी एवं उमस से राहत मिली। हालांकि, शहर में कीचड़ फैलने से लोगों को काफी परेशानी भी हुई।

धान की फसल के लिए बारिश वरदान

आत्मा के परियोजना निदेशक श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि धान की फसल के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। किसान धान की फसल की सिंचाई के लिए इंतजार कर रहे थे। उसी बीच मंगलवार को दिन भर बारिश होती रही। बारिश से अब किसानों को सिंचाई की लागत बच जाएगी। साथ ही मानसून की बारिश से धान की फसल भी अच्छी होगी। इस तरह की बारिश से धान की फसल में अच्छी वृद्धि होती है साथ ही पैदावार भी ठीक होता है।

मौसम खराब रहने के कारण फ्लाइट डायवर्ट

बेंगलुरु से पटना आ रही एक फ्लाइट को पटना एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण वाराणसी डायवर्ट करना पड़ा। बाद में मौसम ठीक होने पर इसे वापस पटना एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद पटना से यात्रियों को बेंगलुरु के लिए रवाना किया गया। जानकारी के मुताबिक इस विमान को 2.30 बजे पटना एयरपोर्ट पर लैंड करना था। निश्चित समय पर यह विमान पटना एयरपोर्ट पहुंच गई थी, लेकिन उस वक्त पटना एयरपोर्ट की विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी।

थोड़ी देर तक हवा में उडऩे के बाद भी जब इसे सिग्नल नहीं मिला तो इसे डायवर्ट कर वाराणसी ले जाया गया। बाद में पटना एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी सामान्य होने के बाद इसे साढ़े चार बजे वाराणसी से पटना के लिए रवाना किया गया। साढ़े पांच बजे के आसपास यह विमान पटना एयरपोर्ट पर लैंड की। यात्रियों को तीन घंटे तक पटना एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना पड़ा। हालांकि, निजी विमानन कंपनी की ओर से यात्रियों के नास्ते का प्रबंध किया गया था।