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बिहार में जलापूर्ति योजनाओं की खुली पोल, 942 योजनाएं मिलीं बंद; PHEED ने 426 को कराया चालू

Published: Thu, 10 Sep 2026 06:42 PM (IST)

बिहार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 70,969 जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया, जिसमें से 942 योजनाएं बंद पाई गईं। ...और पढ़ें

516 योजनाओं पर विभाग की नजर

516 योजनाओं पर विभाग की नजर

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए चल रही जलापूर्ति योजनाओं की जमीनी स्थिति जांचने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने बड़े स्तर पर निरीक्षण कराया है। विभाग के अनुसार अब तक 70,969 जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण किया जा चुका है।

निरीक्षण के दौरान 70,027 योजनाएं चालू मिलीं, जबकि 942 योजनाएं बंद पाई गईं। यानी हजारों योजनाओं के बीच सैकड़ों के बंद मिलने से व्यवस्था के रख-रखाव पर सवाल भी उठे हैं।

हालांकि विभाग ने बंद योजनाओं को दोबारा चालू कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 426 बंद योजनाओं को चालू करा दिया गया है।

942 में 426 चालू, अब 516 योजनाओं पर विभाग की नजर

पीएचईडी के मुताबिक निरीक्षण में बंद मिली 942 योजनाओं में से 426 को मरम्मत और जरूरी कार्रवाई के बाद चालू कराया जा चुका है।

फिलहाल 516 जलापूर्ति योजनाएं बंद हैं। इन्हें भी जल्द से जल्द चालू कराने की दिशा में विभागीय स्तर पर काम किया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि जहां भी जलापूर्ति योजनाओं में कमी या तकनीकी खराबी सामने आ रही है, वहां मरम्मत और सुधार की कार्रवाई की जा रही है।

अफसर अब फाइल नहीं, मौके पर जाकर देखेंगे योजनाओं का हाल

पीएचईडी सचिव बी. धनजी ने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्र में जाकर जलापूर्ति योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को निरीक्षण की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विभाग की कोशिश है कि योजनाओं की स्थिति सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर भी जांची जाए। इससे बंद योजनाओं की वास्तविक स्थिति और खराबी के कारणों का पता लगाया जा सकेगा।

सचिव ने साफ कहा है कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रख-रखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि बाकी 516 बंद योजनाएं कब तक फिर से चालू होती हैं।