इंजीनियर के आलीशान मकान पर छापा, पटना-पूर्णिया के 3 ठिकाने एक साथ खंगाले; दस्तावेजों से खुलेगा संपत्ति का हिसाब
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बिहार के भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के आय से अधिक संपत्ति ...और पढ़ें

फुलवारी शरीफ के मकान की भी हो रही जांच
HighLights
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र चौधरी के ठिकानों पर छापा मारा।
पटना-पूर्णिया में तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई।
आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल जारी है।
राज्य ब्यूरो, पटना। आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार के भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी से जुड़े ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को एक साथ कार्रवाई शुरू की। पटना और पूर्णिया में कुल तीन ठिकानों पर टीमों ने तलाशी ली। जांच के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
पटना से पूर्णिया तक एक साथ पहुंची निगरानी की टीमें
निगरानी की अलग-अलग टीमें पटना के दो और पूर्णिया के एक ठिकाने पर तलाशी ले रही हैं। जांच एजेंसी का फोकस जमीन-मकान की खरीद, उनके स्वामित्व और संपत्तियों में लगी रकम के स्रोत पर है। अधिकारियों और उनके परिवार से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
फुलवारी शरीफ के मकान की भी हो रही जांच
पटना के फुलवारी शरीफ स्थित निकुंज कॉलोनी के मकान को भी जांच के दायरे में लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार यह मकान चौधरी और उनकी पत्नी से जुड़ा बताया गया है। टीम संपत्ति के दस्तावेज और निर्माण में खर्च हुई रकम से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
जमीन-मकान के कागजों से लेकर बैंक लेनदेन तक पड़ताल
तलाशी के दौरान निगरानी टीम संपत्ति के दस्तावेजों के साथ बैंक खातों में हुए लेनदेन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी देख रही है। जांच का उद्देश्य घोषित आय और अर्जित संपत्ति के बीच अंतर का पता लगाना है। अभी तलाशी पूरी नहीं हुई है, इसलिए बरामदगी या संपत्ति के कुल मूल्य का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है।
परिवार से जुड़ी संपत्तियां भी जांच के दायरे में
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच के दौरान अधिकारी की वैध आय के साथ जमीन, मकान, बैंक जमा, निवेश और परिवार के सदस्यों से जुड़ी संपत्तियों का भी मिलान किया जाता है। सत्येंद्र कुमार चौधरी के मामले में भी जांच टीम इसी तरह के वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
छापेमारी पूरी होने के बाद सामने आएगा पूरा ब्योरा
फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। तलाशी में मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में कितनी संपत्ति और अन्य वित्तीय जानकारी सामने आती है। अभी किसी संपत्ति या रकम को अवैध साबित मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
