पटना, जेएनएन। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। फिर इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने सोमवार तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विधान सभाध्यक्ष विजय चौधरी ने शोक प्रस्ताव पढ़ा और कहा कि 'लोकतंत्र विमर्श आपसी समझदारी पर भरोसा करता है।' इससे पहले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति को पुष्पगुच्छ देकर उपमुख्यमंत्री ने स्वागत किया।

पहले दिन छा गयी सेल्फी और साइकिल

सदन की कार्यवाही शु्रू होने से पहले कई तरह की तस्वीरें सामने आईं। जहां विपक्ष ने जेएनयू प्रकरण को लेकर विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की और सरकार पर हमला बोला तो वहीं भाजपा के विधानपार्षद संजय पासवान साइकिल चलाते हुए सदन पहुंचे और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। तो वहीं, तेजस्वी और तेजप्रताप यादव के सदन पहुंचते ही उनके साथ सेल्फी खिंचवाने की भी होड़ लगी रही।

जेएनयू मामले पर विपक्ष ने सुशील मोदी को घेरा

सदन आरंभ होने से पहले राजद व कांग्रेस के विधायक सामूहिक रूप विधानसभा के सामने स्थित लॉन में पहुंचे और जेनएयू मसले पर नारेबाजी करने लगे। इन्होंने उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ भी अपना गुस्सा जाहिर किया। विधायकों का गुस्सा सुशील मोदी के उस ट्वीट को लेकर था जिसमें मोदी ने कुछ दिन पहले कहा था कि फीस बढ़ोतरी इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। बता दें कि जवाहर लालू नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कुछ दिन पहले ट्वीट कर विरोध जताया था। सुशील मोदी ने कहा है कि फीस बढ़तोरी इतना बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि कैम्पस में बीफ पार्टी करने वाले शहरी नक्सली गरीब छात्रों को गुमराह करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं। 

'जेएनयू के छात्रों पर लाठीचार्ज करना गलत'

विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानमंडल परिसर में जेएनयू का मामला खूब गरमाया। राजद और कांग्रेस के विधायकों ने जेनएयू के विद्यार्थियों के पक्ष में एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राजद नेता व पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव मुखर होकर सामने आए और कहा कि जेएनयू के विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करना गलत है। भाजपा की सरकार को इस मसले पर विद्यार्थियों की बात सुननी चाहिए। 

अध्यासी सदस्य बनाए गए 

विधानसभा के 14 वें सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सत्र के पहले दिन अध्यासी सदस्यों की घोषणा की। वीरेंद्र कुमार सिंह, मो. नेमतुल्लाह, रामचंद्र सहनी, रामदेेव राय और प्रेमा चौधरी को अध्यासी सदस्य बनाया गया है।

डॉ. जगन्नाथ मिश्र, वशिष्ठ नारायण सिंह समेत कई श्रद्धांजलि 

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजेठमलानी व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र सहित पांच जननायकों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन ने विधानसभा के पूर्व सदस्य नैयर आजम, रघुपति गोप व पूर्व मंत्री तुलसीदास मेहता को भी अपनी श्रद्धांजलि दी। उधर, बिहार विधान परिषद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र, राम जेठमलानी, तुलसीदास मेहता, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नैयर आजम, रघुपति गोप, वशिष्ठ नारायण सिंह और पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को श्रद्धांजलि दी गई। सभापति ने शोक प्रस्ताव में कहा कि ईश्वर इन लोगों के परिजनों को दुख सहन की शक्ति प्रदान करे। 

पेश किया गया अनुपूरक बजट

विधानसभा में आज द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अनुपूरक बजट पेश कया। इस बजट के मुताबिक 2019-20 का द्वितीय अनुपूरक बजट 12,457.6190 करोड़ रुपये का है। वार्षिक स्कीम मद में 5,962.1114 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें जल-जीवन-हरियाली मिशन के लिए सर्वाधिक 1688.89 करोड़ रुपए हैं।  

अन्‍य मदों पर एक नजर

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 647.41 करोड़ रुपए
  • सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न पेंशन स्कीमों के लिए 535 करोड़ रुपए 
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 311.82 करोड़ रुपए
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 283.75 करोड़ रुपए
  • चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण के लिए 143.21 करोड़ रुपए 
  • पटना मेट्रो रेल परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए
  • राजगीर में खेल संरचना व स्टेडियम निर्माण  के लिए 120 करोड़ रुपए 
  • मुख्यमंत्री कन्या उत्थान स्कीम के लिए 87.57 करोड़ रुपए
  • इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए 78.50 करोड़ रुपए 
  • स्टेट कैंसर संस्थान की स्थापना के लिए 52.89 करोड़ रुपए
  • प्राकृतिक विपत्ति के लिए 15117.58 करोड़ रुपए
  • स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय शीर्ष में 1517.58 करोड़ रुपए
  • प्राकृतिक विपत्ति, पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्थानीय निकायों के लिए 1063.57 करोड़ रुपए
  • वित्त संपोषित महाविद्यालयों के लिए 500 करोड़ रुपए
  • पथ निर्माण विभाग की सड़कों के रखरखाव के लिए 450 करोड़ रुपए
  • गैर सरकारी विद्यालयों के लिए 300 करोड़ रुपए
  • जिला परिषद माध्यमिक शिक्षकों के वेतन के लिए 175 करोड़ रुपए 
  • विश्वविद्यालयों में वेतन भुगतान के लिए 153.50 करोड़ रुपए 
  • बिहार राज्य कृषि उद्योग विकास निगम के बकाया भुगतान के लिए 126.91 करोड़ रुपए 
  • केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के तहत निर्भया स्कीम के लिए 12.2960 करोड़ रुपए
  • पशुधन गणना के लिए 2.1816 करोड़ रुपए

Posted By: Kajal Kumari

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