बिहार के 10 विश्वविद्यालयों में कुलपति बनने की होड़, 8 हजार आवेदन; अंतरिक्ष और कृषि वैज्ञानिक भी कतार में
बिहार के 10 विश्वविद्यालयों में कुलपति पदों के लिए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों सहित 8000 से अधिक आवेदकों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।

लोकभवन सचिवालय की टीम ने पूरी की स्क्रीनिंग। फाइल
HighLights
बिहार के 10 विश्वविद्यालयों में कुलपति पदों पर नियुक्ति।
वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, पद्मश्री विजेताओं सहित 8000 आवेदन।
राज्यपाल सचिवालय द्वारा स्क्रीनिंग, अगले माह तक नियुक्ति लक्ष्य।
दीनानाथ साहनी, पटना। बिहार के दस विश्वविद्यालयों में कुलपति (Vice Chancellor) के पदों के लिए बेहतर और योग्यतम उम्मीदवारों के बीच अच्छी-खासी प्रतिस्पर्धा है।
क्योंकि बिहार लोक भवन को पहली बार अंतरिक्ष से लेकर कृषि क्षेत्र के वैज्ञानिकों के भी आवेदन प्राप्त हुए हैं। पद्मश्री समेत अन्य पुरस्कारों से सम्मानित कई स्काॅलर भी हैं।
इनमें IIM, IIT तथा NIT के अलावा लोक प्रशासन, लॉ, इंडस्ट्री तथा आर्मी एडमिस्ट्रेशन समेत अन्यमहत्वपूर्ण क्षेत्र के उम्मीदवार शामिल हैं।
कई पद्मश्री अवार्डी स्काॅलर भी कतार में
राज्यपाल सचिवालय की टीम ने 28 राज्यों से प्राप्त तकरीबन 8 हजार आवेदनों की स्क्रीनिंग का कार्य पूरा कर लिया है। एक कुलपति पद के लिए आठ सौ आवेदन की संख्या को लेकर कई ख्यातिनाम शिक्षाविद् भी बेहद उत्साहित हैं।
ऐसे लोगों का कहना है कि इतनी अच्छी प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर और योग्यतम कुलपति चुनने का मौका मिलेगा। यह राज्य के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए वरदान साबित होगा।
राज्यपाल सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग में इस बात का पूरा ख्याल रखा
गया है कि सर्वाधिक योग्यता और अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार में शामिल होने का मौका अवश्य
मिलना चाहिए।
इसके लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति पद के चयन के लिए एक सर्च कमेटी बनाई है।
सर्च कमेटियां जल्द ही नए कुलपतियों के चयन के लिए योग्यतम उम्मीदवारों को साक्षात्कार हेतु आमंत्रित करेंगी। इसकी तैयारी भी तेज हो गई है। राज्यपाल सचिवालय का लक्ष्य है कि अगले माह नए कुलपतियों की नियुक्ति सुनिश्चित हो जाए।
इन संस्थानों में होंगी नियुक्ति
- आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय
- मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय
- मगध विश्वविद्यालय
- वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय
- जय प्रकाश विश्वविद्यालय
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
- कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय
- भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय
- बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय
- तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय।
जबरदस्त प्रतिस्पर्धा उच्च शिक्षा के हित में : डा.रासबिहारी सिंह
पटना विश्वविद्यालय और नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं शिक्षाविद डाॅ. रासबिहारी सिंह ने नए
कुलपतियों की नियुक्ति प्रक्रिया की प्रशंसा की।
बताया कि बिहार में कुलपति बनने के लिए यह जबरदस्त प्रतिस्पर्धा राज्य के विश्वविद्यालयों के हित में है। इससे बिहार सरकार को भी उच्च शिक्षा में बड़े स्तर पर सुधार लाने में मदद मिलेगी।
कुलपति बनने के लिए दूसरे राज्यों के लोग तो पहले भी आते थे, अब विदेश में रहने वाले विद्वान भी आवेदन दिए हैं, यह अच्छी बात है कि ऐसे लोग बिहार में आकर उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कुलपतियों की नियुक्ति की अब तक की परिपाटी से अवगत लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि नियुक्ति की यह प्रक्रिया योग्यतम लोगों के चयन के साथ पूरी हो पाएगी।
