बिहार के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों-कर्मियों की बल्ले-बल्ले, 20 जुलाई तक होगा बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान
राज्यपाल सचिवालय ने बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मियों के बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान ...और पढ़ें

20 जुलाई तक पूरा होगा वेतन सत्यापन अभियान(AI फोटो)
HighLights
राज्यपाल सचिवालय ने बकाया वेतन भुगतान का निर्देश दिया।
20 जुलाई तक भुगतान प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा।
27-28 जुलाई को विशेष शिविरों का आयोजन होगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्यपाल सचिवालय ने सभी प्रकार के बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान मिशन मोड में करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी कुलपतियों को आदेश जारी किया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को भी इसकी प्रति भेजी गई है। 20 जुलाई तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा तय की गई है।
20 जुलाई तक पूरा होगा वेतन सत्यापन अभियान
आदेश के अनुसार सभी विश्वविद्यालयों में वेतन सत्यापन का कार्य अभियान चलाकर पूरा किया जाएगा। कुलपतियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके बाद बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों से तय प्रारूप में रिपोर्ट भी मांगी गई है। यह रिपोर्ट 24 जुलाई तक कुलाधिपति कार्यालय को भेजनी होगी।
27 और 28 जुलाई को लगेंगे विशेष शिविर
जिन शिक्षकों और कर्मियों का भुगतान तय समय तक नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। 27 और 28 जुलाई को सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयों में शिविर आयोजित होंगे।
इन शिविरों में कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मी अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। साथ ही उनकी शिकायतों का मौके पर निस्तारण करने की कोशिश होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय आवश्यक कर्मियों की तैनाती भी करेंगे।
लगातार मिल रही थीं भुगतान में देरी की शिकायतें
राज्यपाल सचिवालय को लंबे समय से बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ में देरी की शिकायतें मिल रही थीं। आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने के कई मामले सामने आए थे।
इसी को देखते हुए मिशन मोड में भुगतान का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और कर्मियों को समय पर उनका अधिकार दिलाना है।
इस फैसले से हजारों कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- शिक्षकों-कर्मियों की बल्ले-बल्ले! वेतन-पेंशन के लिए जारी हुए 999 करोड़ रुपये, बिहार सरकार ने खोला खजाना
