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बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए बनेगी पारदर्शी नीति, डिप्टी सीएम ने अफसरों को दिया आदेश

Published: Tue, 21 Apr 2026 04:59 PM (IST)

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए पारदर्शी नीति बनाने का निर्देश दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी।

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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में तकरीबन छह लाख शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की नीति पारदर्शी होगी, ताकि शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। यह आदेश उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Choudhary) ने मंगलवार को शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक में दिया।

बैठक में उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर मेक्नीज्म को और अधिक पारदर्शी बनाएं। शिक्षकों की नियुक्ति के बाद उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दें, क्योंकि उनके द्वारा प्राप्त की गई गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण बच्चों के शैक्षणिक विकास में लाभकारी साबित होगा।

इससे पहले, बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति जानकारी दी। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड में माडल स्कूल, स्थानांतरण नीति, पुस्तकालय पात्रता परीक्षा, पीएमश्री पोषण योजना, पाठ्य पुस्तकें, एनजीओ संबद्धता आदि के संबंध में भी जानकारी दी।

'प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना अंतिम लक्ष्य'

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना हमारा अंतिम लक्ष्य है। हम जो भी नीतियां, टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाते हैं, उसका अंतिम फलाफल बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त कराना है।

'ईमानदारी से शिक्षा दें शिक्षक'

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक पूरी ईमानदारी से शिक्षा दें। उनकी विद्यालय में निर्धारित अवधि तक अनिवार्य रूप से उपस्थिति होनी चाहिए। शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की कोताही न बरतें।

उन्होंने एनजीओ के साथ संबद्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों का समय-समय पर उसके परिणाम और प्रभाव पर समीक्षा करने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल पर विशेष ध्यान दिया जाए। कक्षा-कक्ष अवलोकन शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा एनजीओ के कार्य दायित्व एवं परिणामों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण के उपरांत शैक्षणिक गुणवत्ता में क्या सकारात्मक परिवर्तन आया है, इसका मूल्यांकन नियमित रूप से करें।