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बोधगया-राजगीर कॉरिडोर का मास्टर प्लान तैयार, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस की तैयारी

Published: Wed, 15 Jul 2026 06:50 PM (IST)

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसमें पर्यटन पुलिस की तैनाती और बोधगया-राजगीर कॉरिडोर का मास्टर प्लान शामिल है।

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HighLights

  1. पर्यटकों की सुरक्षा हेतु पर्यटन पुलिस की तैनाती की योजना।

  2. बोधगया-राजगीर-नालंदा कॉरिडोर का मास्टर प्लान तैयार, केंद्र को भेजा।

  3. श्रावणी मेले में पहली बार ड्रोन और लेजर शो का आयोजन।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस की तैनाती की योजना बनाई जा रही है। पर्यटन विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है, जिस पर विचार चल रहा है।

पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बुधवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाना है।

कॉरिडोर के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान

पर्यटन मंत्री ने बताया कि विष्णुपद कॉरिडोर और बोधगया (महाबोधि)-राजगीर-नालंदा कॉरिडोर के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है।

इसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इन परियोजनाओं का विकास केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन-2 योजना के तहत किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। कॉरिडोर विकसित होने से देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

पुनौराधाम में माता जानकी मंदिर बदलेगा पर्यटन का नक्शा

सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। मंदिर निर्माण का लक्ष्य तीन वर्षों में पूरा करने का रखा गया है।

हालांकि सरकार इसे निर्धारित समय से पहले दिसंबर 2028 तक पूरा करने की तैयारी में है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि मंदिर बनने के बाद बिहार के पर्यटन मानचित्र में बड़ा बदलाव आएगा।

इस परियोजना से मिथिला क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार इसे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं में शामिल मान रही है।

सभी जिलों में खुलेंगे क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय

पर्यटकों को रूट, आवागमन और अन्य सुविधाओं की जानकारी देने के लिए सभी जिलों में क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय खोले जाएंगे।

इन कार्यालयों के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 36 पर्यटन योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद में 1,301 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री होम स्टे योजना भी लागू की गई है। इस योजना से 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

श्रावणी मेले में पहली बार होगा ड्रोन और लेजर शो

पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस बार श्रावणी मेले में पहली बार ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा हर सोमवार को टेंट सिटी के पास लेजर शो और संगीतमय वाटर फाउंटेन की प्रस्तुति होगी।

कांवड़िया मार्ग पर प्रकाश के माध्यम से भगवान शिव की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। पूरे कांवड़िया पथ पर शिवधुन लगातार बजती रहेगी।

श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 101 गेट बनाए जा रहे हैं। इनमें भगवान शिव के विभिन्न रूपों पर आधारित 11 विशेष गेट भी शामिल होंगे।

विदेशी पर्यटकों के मामले में बिहार देश में नौवें स्थान पर

पर्यटन विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में बिहार आने वाले पर्यटकों की संख्या में नौ गुना वृद्धि हुई है।

वर्ष 2020 में जहां 59.52 लाख पर्यटक बिहार आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 6.62 करोड़ से अधिक हो गई।

इनमें 7.43 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं। विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में बिहार देश में नौवें स्थान पर पहुंच गया है।

गया एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए सीधी विमान सेवा भी जल्द शुरू होने जा रही है। इससे दक्षिण एशियाई देशों से आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण और व्यवहार सुधार पर जोर

नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में स्थानीय टूरिस्ट गाइडों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, तिब्बत, जापान और चीन की भाषाओं पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा पुलिसकर्मियों, दुकानदारों और ऑटो चालकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्हें पर्यटकों के साथ बेहतर व्यवहार और संवाद की जानकारी दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है। इस दिशा में पर्यटन विभाग लगातार नई पहल कर रहा है।