बिहार के SC-ST छात्रों को सौगात: सभी 534 प्रखंडों में बनेंगे हाईटेक हॉस्टल, मुफ्त अनाज के साथ मिलेंगे ₹1000
बिहार सरकार अगले चार वर्षों में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास बनाएगी।

बिहार के सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों को मिलेगी अत्याधुनिक छात्रावास सुविधा (AI Generated Image)
HighLights
अगले चार वर्षों में सभी 534 प्रखंडों में छात्रावास।
प्रत्येक छात्रावास पर 2.44 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित।
छात्रों को मुफ्त अनाज, अनुदान और डिजिटल लाइब्रेरी सुविधा।
राज्य ब्यूरो, पटना। अगले चार वर्षों में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए अत्याधुनिक छात्रावास की सुविधा होगी। इसके मद्देनजर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा छात्रावास निर्माण संबंधी प्रस्ताव तैयार किया गया है।
प्रस्ताव पर पहले संबंधित विभागों से सहमति ली जाएगी। इसके बाद कैबिनेट से प्रस्ताव पर मंजूरी ली जाएगी। प्रत्येक छात्रावास निर्माण पर दो करोड़ 44 लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में राज्यभर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए 139 छात्रावास संचालित हैं और 60 नए छात्रावासों की स्वीकृति दी जा चुकी है।
विभाग के मुताबिक, प्रत्येक जिले में 100 बेड वाली सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की भी योजना है। इसके लिए 18 जिलों में भूमि आवंटित की जा चुकी है।
वर्तमान में राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 91 आवासीय विद्यालय संचालित है। इसके अतिरिक्त 28 नए आवासीय विद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी गई है।
इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को आवासन एवं पठन-पाठन की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करायी जाती है। इन आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने नीट, जेईई एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलता अर्जित की है।
छात्रावासों में प्रत्येक विद्यार्थी को 15 किलो ग्राम अनाज (नौ किलो चावल और छह किलो गेंहू) मुफ्त दिया जाता है। साथ ही, बच्चों को मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत एक हजार रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजा जाता है। इन छात्रावासों में शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए डिजिटल लाइब्रेरी समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाएं मौजूद हैं।
