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बिहार में इंजीनियरिंग की 94% और पालिटेक्निक की 98% सीटें भरीं, AI-साइबर सुरक्षा से बढ़ा रोजगारपरक पढ़ाई पर फोकस

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:58 PM (IST)

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बिहार के राजकीय तकनीकी संस्थानों में इंजीनियरिंग की 94% और पॉलिटेक्निक की 98% से अधिक सीटें भरीं, जो रोजगारपरक शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

AI और साइबर सुरक्षा जैसे कोर्स पर जोर

AI और साइबर सुरक्षा जैसे कोर्स पर जोर

HighLights

  1. इंजीनियरिंग की 94% और पॉलिटेक्निक की 98% सीटें भरीं।

  2. AI, साइबर सुरक्षा जैसे रोजगारपरक नए कोर्स शुरू किए गए।

  3. तकनीकी संस्थानों में छात्रों के प्लेसमेंट में लगातार वृद्धि हुई।

राज्य ब्यूरो, पटना। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बिहार के राजकीय तकनीकी संस्थानों में नामांकन का आंकड़ा उत्साहजनक रहा है। राज्य के 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों की 15,183 सीटों में से 14,331 पर नामांकन हुआ है। यानी इंजीनियरिंग की 94.39 प्रतिशत सीटें भर गई हैं।

पालिटेक्निक में 98 प्रतिशत से ज्यादा सीटों पर प्रवेश

46 राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों की 17,227 सीटों में से 16,897 सीटों पर विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इसके साथ ही पालिटेक्निक में 98.08 प्रतिशत सीटों पर नामांकन हुआ है।

तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के ये आंकड़े विद्यार्थियों के बीच रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।

AI और साइबर सुरक्षा जैसे कोर्स पर जोर

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी के मुताबिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, बायोमेडिकल, रोबोटिक्स और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। फोकस विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप ज्ञान और कौशल देने पर है।

पालिटेक्निक में फायर टेक्नोलाजी से फूड प्रोसेसिंग तक

पालिटेक्निक स्तर पर फायर टेक्नोलाजी एंड सेफ्टी, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, सीएडी/सीएएम और प्रिंटिंग टेक्नोलाजी जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल के साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

प्लेसमेंट के आंकड़ों में भी लगातार बढ़ोतरी

तकनीकी शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की प्लेसमेंट में भागीदारी भी बढ़ी है। वर्ष 2020-21 में पालिटेक्निक के 1,002 और इंजीनियरिंग के 698 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ था। 2021-22 में यह संख्या बढ़कर पालिटेक्निक में 2,788 और इंजीनियरिंग में 1,893 हो गई।

2025-26 में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को प्लेसमेंट

वर्ष 2023-24 में 8,197 और 2024-25 में 11,178 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिला। वर्ष 2025-26 में पालिटेक्निक के 14,645 और इंजीनियरिंग के 5,832 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ। इसी अवधि में 4,843 छात्राओं का भी प्लेसमेंट हुआ है।

आधुनिक लैब और नए पाठ्यक्रम से बदल रहा तकनीकी शिक्षा का स्वरूप

विभाग के अनुसार तकनीकी संस्थानों में नामांकन, प्लेसमेंट, एनबीए मान्यता, आधुनिक प्रयोगशालाओं और उभरते पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जा रहा है। लक्ष्य विद्यार्थियों को ज्ञान और डिग्री तक सीमित रखने के बजाय कौशल, रोजगार और नवाचार से जोड़ना है।