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बिहार के इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक छात्रों को अब जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा की ट्रेनिंग, रिसर्च फंड 10 गुना बढ़ेगा

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:43 PM (IST)

बिहार सरकार इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक छात्रों को जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषाओं का प्रशिक्षण देगी ताकि उन्हें विदेशों में रोजगार ...और पढ़ें

AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर पर बढ़ेगा फोकस

AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर पर बढ़ेगा फोकस

HighLights

  1. इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक छात्रों को जर्मन, फ्रेंच, जापानी भाषा का प्रशिक्षण मिलेगा।

  2. रिसर्च फंड 3 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव।

  3. एआई, रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों पर शोध और प्रशिक्षण पर जोर।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की बड़ी तैयारी है। सरकार सभी 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रों को जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को विदेशों में नौकरी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

रिसर्च फंड 3 लाख से बढ़ाकर 30 लाख करने का प्रस्ताव

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में रिसर्च फंड को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

वित्त विभाग की सहमति के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने शनिवार को पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर पर बढ़ेगा फोकस

विभाग की ओर से तकनीकी शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक विषयों को शोध में शामिल करने की तैयारी है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अनुसंधान, बुनियादी ढांचे और नए पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिस पर जल्द अमल किया जाएगा।

98 प्रतिशत सीटों पर हुआ नामांकन

बैठक में बताया गया कि चालू शैक्षणिक सत्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की कुल सीटों के मुकाबले 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है।

वहीं, 11 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के 20 विषयों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (NBA) से मान्यता मिल चुकी है।

32 संस्थानों के 42 पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन जारी

विभाग के अनुसार 32 पॉलिटेक्निक संस्थानों के 42 विषयों का NBA मूल्यांकन अभी प्रक्रियाधीन है। इससे संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों की मान्यता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर देने के लिए एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी।

Google और Microsoft से शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए Google और Microsoft के साथ जल्द एमओयू किए जाने की तैयारी है। शिक्षकों को एआई से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जबकि माइक्रोसॉफ्ट की मदद से एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना है। इससे कक्षाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

मुजफ्फरपुर और भागलपुर में नए विश्वविद्यालयों की तैयारी

मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

इससे बिहार में आधुनिक और विशेषज्ञता आधारित तकनीकी शिक्षा के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।

पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में बनेंगे नए तारामंडल

मंत्री ने बताया कि पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी से जुड़े क्षेत्रों में भी काम चल रहा है।

हॉस्टल नहीं तो किराए के मकान में मिलेगी सुविधा

जिन पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रावास की सुविधा नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था करेगी।

विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रान के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे संस्थानों में मानव संसाधन को मजबूत करने की भी तैयारी है।

मधुबनी में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट, दूसरे संस्थानों पर भी जोर

मंत्री ने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक में छात्रों का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है। अब दूसरे संस्थानों में भी प्लेसमेंट का स्तर बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस तकनीकी शिक्षा के साथ छात्रों को बेहतर रोजगार और वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर है।