विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार के शिक्षकों के पास आखिरी मौका: ई-शिक्षाकोष पर 5 जून से पहले अपडेट करें प्रोफाइल, 54 फील्ड भरना अनिवार्य

Published: Mon, 01 Jun 2026 12:04 AM (GMT+05:30)

बिहार के सभी छह लाख सरकारी शिक्षकों का प्रोफाइल ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 5 जून तक अपडेट किया जाएगा। शिक्षा विभाग ...और पढ़ें

स्कूल में पढ़ाते टीचर। फाइल फोटो

स्कूल में पढ़ाते टीचर। फाइल फोटो

HighLights

  1. छह लाख शिक्षकों का प्रोफाइल ई-शिक्षाकोष पर होगा अपडेट।

  2. प्रोफाइल अपडेट की अंतिम तिथि 5 जून निर्धारित की गई।

  3. जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सौंपी गई है यह जिम्मेदारी।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत तकरीबन छह लाख शिक्षकों का प्रोफाइल ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अद्यतन (Update) होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पांच जून तक की समय-सीमा तय की गयी है।

शिक्षकों से प्रोफाइल अद्यतन कराने की जिम्मेदारी सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) पर सौंपी गयी है। जिन शिक्षकोंं का प्रोफाइल पोर्टल पर अद्यतन नहीं है, उन शिक्षकों के लिए यह अंतिम अवसर होगा। इससे संबंधित निर्देश शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों को दिया गया है।

54 जानकारियां जरूरी

निर्देश के अनुसार शिक्षक प्रोफाइल के तहत 54 अनिवार्य क्षेत्र (Mendetory Fields) हैं। इन्हें भरा जाना आवश्यक है। यह पंजीकरण से संबंधित सूचना, पदस्थापन का विवरण, व्यक्तिगत सूचना, स्थायी पता एवं वर्तमान पता में बांटा गया है।

शिक्षक के पंजीकरण, पदस्थापन विवरण एवं व्यक्तिगत सूचना में कोई त्रुटि होगी, तो जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखित आवेदन देंगे। उसके आधार पर सत्यापन के 48 घंटे के अंदर उसे अद्यतन किया जाएगा।

75 प्रतिशत शिक्षकों के प्रोफाइल में स्थायी पता पहले से प्रविष्ट है। इसे शिक्षक अपने लॉगिन आइडी से देख सकते हैं और आवश्यकतानुसार पूर्व से प्रविष्ट स्थायी पता में जिला, प्रखंड, पंचायत, डाकघर, पिन कोड, गांव-वार्ड संख्या, मकान नंबर को अपडेट भी कर सकते हैं। इसके बाद आवासीय प्रमाण-पत्र संख्या पोर्टल पर प्रविष्ट कर यथास्थान आवासीय प्रमाण-पत्र की प्रति अपलोड करेंगे।

आज से राज्य के 80 हजार गांव-टोलों में समर कैंप

बिहार के राज्य के 80 हजार गांव-टोलों में सोमवार से सरकारी विद्यालयों के पांचवीं एवं छठी कक्षा के बच्चों के लिए समर कैंप लगेंगे। इसमें बच्चे भाषा एवं गणित में दक्ष बनाये जाएंगे। समर कैंप में एक स्वयंसेवक बच्चों को भाषा एवं गणित सिखाएंगे।

हर कैंप में एक स्वयंसेवक के हिसाब से 80 हजार स्वयंसेवक बच्चों को पढ़ाएंगे। एक स्वयंसेवक पर बच्चों की संख्या 10 से 15 होगी। हर स्वयंसेवक बच्चों को असर टूल्स के माध्यम से प्रतिदिन डेढ़ घंटे पढ़ाएंगे।

स्वयंसेवकों में शिक्षा सेवक एवं तालीमी मरकज के शिक्षा सेवक शामिल होंगे। प्रत्येक मध्य विद्यालय से भी दो से तीन स्वयंसेवक चिन्हित किए गए हैं, जो समर कैंप में अपनी सेवा निःशुल्क देंगे।

इसके लिए चिन्हित स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है। चिन्हित बच्चों की संख्या एवं उनके निवास स्थान के आधार पर कैंप स्थल का चयन किया गया है। 30 जून तक चलने वाले कैंप के दौरान खेल, कहानी, पठन-पाठन एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को विकसित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- बंगाल हिंसा पर बिहार में सियासत: अभिषेक पर हमले की मुकेश सहनी ने की निंदा, मंगल पांडेय ने दिया ये बयान

यह भी पढ़ें- वैशाली में महिला थाना अध्यक्ष अदिति कुमारी पर गिरी गाज, कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर हुई कार्रवाई