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Bihar Teachers 7th Pay Commission : 7वां वेतन आयोग लागू हुआ तो बिहार के शिक्षकों की सैलरी में आएगा कितना उछाल?

Published: Mon, 07 Sep 2026 02:56 PM (IST)

Bihar Teachers Demand 7th Pay Commission बिहार के 5.5 लाख राज्यकर्मी शिक्षक अब 7वें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 5.5 लाख शिक्षक 7वें वेतनमान का लाभ चाहते हैं।

  2. वेतनमान लागू होने पर ₹15 हजार तक आय बढ़ेगी।

  3. 2 अक्टूबर से पटना में आमरण अनशन शुरू होगा।

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Teachers Demand 7th Pay Commission बिहार में शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद अब उनकी नजर 7वें वेतनमान पर है। सरकार के दूसरे कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का लाभ मिल रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक अभी इससे बाहर हैं। यही अंतर अब शिक्षकों के आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बन गया है।

5.5 लाख शिक्षकों के लिए बड़ा सवाल

राज्य में करीब 5.5 लाख राज्यकर्मी शिक्षक हैं। अगर इन सभी को 7वां वेतनमान और पे-मैट्रिक्स का लाभ दिया जाता है, तो वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि कई शिक्षकों की मासिक आय में करीब ₹15 हजार तक का इजाफा हो सकता है।

₹10 हजार करोड़ से ज्यादा बढ़ सकता है सरकार का खर्च

शिक्षकों को नया वेतनमान देने का सीधा असर बिहार के खजाने पर पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक सरकार पर हर साल ₹10 हजार करोड़ से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ आ सकता है। वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा विभाग का कुल बजट ₹68,216.95 करोड़ रखा गया है।

असल लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, पे-मैट्रिक्स की है

शिक्षकों की मांग है कि उन्हें 7वें वेतन आयोग के अनुसार पे-मैट्रिक्स में फिट किया जाए। इसके साथ ग्रेड-पे/लेवल निर्धारित हो और सरकारी कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और यात्रा भत्ता भी मिले।

किस शिक्षक को मिल रहा 7वां वेतनमान?

बिहार में सभी शिक्षकों का वेतन ढांचा एक जैसा नहीं है। 1994 में BPSC से बहाल शिक्षक, 2012 में बहाल 34,500 विशेष शिक्षक और कुछ पुराने माध्यमिक शिक्षकों को पहले से 7वें वेतनमान का लाभ मिल रहा है। वहीं 2006 के बाद बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षकों का वेतन ढांचा अलग रहा।

एक राज्य, शिक्षकों की कई कैटेगरी

बिहार में शिक्षकों की व्यवस्था कई चरणों में बदली है। पुराने नियमित शिक्षक, नियोजित शिक्षक, सक्षमता परीक्षा पास विशिष्ट शिक्षक, BPSC-TRE से नियुक्त राज्य विद्यालय अध्यापक और प्रधान शिक्षक-प्रधानाध्यापक—इन सभी की नियुक्ति और वेतन व्यवस्था अलग-अलग रही है।

2003 से BPSC-TRE तक बदली पूरी तस्वीर

2003 से पहले नियमित सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति व्यवस्था अलग थी। 2006 के बाद पंचायत स्तर पर नियोजित शिक्षकों की व्यवस्था आई।

बाद में TET, नई नियमावली और सक्षमता परीक्षा के जरिए व्यवस्था बदली। 2023 के बाद BPSC-TRE ने सीधे राज्यकर्मी शिक्षक नियुक्त करने की नई राह खोल दी।

अब 2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान

7वें वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षक पहले काली पट्टी बांधकर विरोध जता चुके हैं। अब शिक्षकों ने 2 अक्टूबर से पटना में आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। ऐसे में सरकार के सामने आंदोलन को संभालने के साथ वेतनमान पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती है।

विधान परिषद चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक दबाव

इस पूरे मामले का एक अहम राजनीतिक एंगल भी है। बिहार में जल्द विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें 4 शिक्षक कोटे की सीटें हैं। ऐसे में शिक्षक संगठनों की मांगें चुनावी माहौल में सरकार के लिए और महत्वपूर्ण हो गई हैं।

एक मांग, जो बदल सकती है लाखों शिक्षकों की सैलरी

शिक्षकों की मांग साफ है 7वें वेतन आयोग के मुताबिक पे-मैट्रिक्स लागू हो, सभी शिक्षकों को समान वेतन मिले और सरकारी कर्मचारियों की तरह भत्ते दिए जाएं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस मांग को कब तक मंजूरी देती है और अगर मंजूरी मिलती है तो किस तारीख से नया वेतनमान लागू होगा।