पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Teacher Recruitment News: बिहार में 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग में नियोजन इकाइयों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने काउंसिलिंग केंद्रों पर सतर्कता और निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया है। इस बीच दिलचस्‍प खबर यह है कि नियोजन इकाइयों को कई जिलों में रिक्‍त पदों के लिए कोई आवेदक ही नहीं मिल रहा है। इसके चलते पद रिक्‍त ही रह जाने की उम्‍मीद है। इधर, नियोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शिक्षा विभाग के आदेश पर जिलों में अपने-अपने स्तर से खुद जिलाधिकारी  काउंसिलिंग में जाकर जायजा ले रहे हैं। नालंदा, नवादा, शेखपुरा, गया, भोजपुर, बक्सर, सिवान, गोपालगंज, पूर्णिया और मुंगेर समेत दर्जन भर जिलोंं के जिलाधिकारियों ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग को काउंसिलिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण होने की रिपोर्ट दी।

उर्दू शिक्षक अभ्यर्थियों का टोटा

भोजपुर, अररिया और गया जिले से रिपोर्ट आई है कि दूसरे चरण में उर्दू शिक्षक अभ्यर्थियों की कमी है। शिक्षक नियोजन में उर्दू विषय के शिक्षक अभ्यर्थियों नहीं मिलने की वजह टीईटी परीक्षा में कम अभ्यर्थियों का पास होना है। एससी-एसटी वर्ग में उर्दू के शिक्षक अभ्यर्थी कई जगह नहीं आए हैं। भोजुपर के आरा नगर निगम में वर्ग छह से आठ में उर्दू शिक्षक की सीटें खाली रह गई हैं। इसी तरह ईबीसी में एक सीट और एसटी की एक सीट रिक्त रह गई हैं। जानकारी है कि इस वर्ग में कोई आवेदन ही नहीं आया।

नालंदा के डीएम ने लिया काउंसेलिंग का जायजा

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बिहारशरीफ स्थित डीआरसीसी में चल रहे शिक्षक अभ्यर्थियों का काउंसिलिंग का जायजा लिया। उन्होंने नियोजन इकाइयों से जुड़े अधिकारियों से काउंसिलिंग के बारे में पूरी जानकारी ली। जिलाधिकारी के मुताबिक बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में सामान्य के 140, उर्दू के 110, सिलाव नगर पंचायत के सामान्य के 119, उर्दू के सात, इस्लामपुर नगर पंचायत के सामान्य के 23 एवं उर्दू के 13, राजगीर नगर निकाय के सामान्य के 15 तथा उर्दू के पांच शिक्षकों के लिए काउंसिलिंग की गई। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को मिली है।

Edited By: Shubh Narayan Pathak