जागरण संवाददाता, हाजीपुर: 2006 से 2015 के बीच पंचायतों एवं नगर निकायों में नियोजित शिक्षकों की निगरानी के स्तर पर की जा रही जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के सैकड़ों शिक्षकों का प्रमाण पत्र या फोल्डर बार-बार निर्देश के बावजूद निगरानी को नहीं सौंपा गया है। इस संबंध में निगरानी की सूचना पर बिहार के निदेशक शिक्षा के स्तर पर जिला को लिखे गए पत्र के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने ऐसे शिक्षकों की सूची राज्य मुख्यालय को भेज दी है। सूची में सबसे अधिक 289 शिक्षक राघोपुर प्रखंड के हैं। भेजी गई सूची में अभियुक्ति कॉलम में प्रमाण पत्र या फोल्डर नहीं जमा करने वाले शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी की जानकारी दी गई है। 

वैशाली के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने मुख्यालय को जिले के आठ प्रखंड के ऐसे 426 शिक्षक की सूची अभ्युक्ति के साथ भेजी है। हाजीपुर प्रखंड के आठ शिक्षक की सूची भेजी गई है, जिसमें एक की मृत्यु हो चुकी है। वहीं देसरी प्रखंड के 12 शिक्षक की सूची में छह शिक्षक स्थायी नियुक्ति के बाद त्याग पत्र दे चुके हैं। कुल पांच शिक्षक लंबी अवधि से अनुपस्थित बताए गए हैं। वहीं एक को पद से एवं एक को पटना हाईकोर्ट के आदेश पर हटा दिया गया है। महुआ प्रखंड से 33 शिक्षक की भेजी गई सूची में बताया गया है कि 14 शिक्षक ने त्यागपत्र दे दिया है, जबकि एक वेतन लंबित रखा गया है। 

 

चेहलाकलां प्रखंड से 13 शिक्षक की सूची भेजी

जिले के चेहलाकलां प्रखंड से 13 शिक्षक की सूची भेजी गई है। इनमें दो ने त्याग पत्र दे दिया है जबकि शेष की मेघा सूची अप्राप्त होने की जानकारी दी गई है। महनार प्रखंड से 19 शिक्षक की सूची भेजी गई है, जिसमें 13 शिक्षक ने त्याग पत्र दे दिया है। वहीं शेष के नियोजन को समाप्त कर दिए जाने की जानकारी दी गई है। सबसे अधिक 289 शिक्षकों की सूची जिले के राघोपुर प्रखंड से भेजी गई है। इनमें 5 शिक्षक के त्याग पत्र देने, 3 की मृत्यु हो जाने, 4 के रिटायर हो जाने, 3 की सेवा स्थायी हो जाने के बाद त्याग पत्र देने, 2 की नियुक्ति हाईस्कूल में हो जाने, 4 के बिना सूचना के गायब रहने एवं 1 शिक्षक को बर्खास्त कर दिए जाने की जानकारी दी गई है। 

Edited By: Akshay Pandey