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अब बिहार के क्लासरूम में छात्र बनेंगे BLO और Presiding Officer, ऐसे समझेंगे चुनाव की पूरी प्रक्रिया

Published: Tue, 18 Aug 2026 07:00 AM (IST)

भारत निर्वाचन आयोग ने विद्यार्थी एवं युवा मतदाताओं के बीच चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0' शुरू किया है।

किताबों से बाहर निकलेगा चुनावी ज्ञान

किताबों से बाहर निकलेगा चुनावी ज्ञान

राज्य ब्यूरो, पटना। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) ने विद्यार्थी एवं युवा मतदाताओं के बीच चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0’ (ईएलसी) की शुरुआत की है। अब विद्यार्थी कक्षा में बीएलओ और प्रिजाइडिंग आफिसर बनकर चुनावी प्रक्रिया की बारीकियां समझेंगे।

इसके जरिए छात्रों को चुनाव से जुड़ी जानकारी केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक रूप से समझाने की कोशिश होगी।

किताबों से बाहर निकलेगा चुनावी ज्ञान, मिलेगा प्रैक्टिकल अनुभव

पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘प्रैक्टिकल डेमोक्रेसी’ से जोड़ना है। इंटरनेट मीडिया के दौर में गलत और भ्रामक सूचनाओं की बढ़ती चुनौती को देखते हुए ईएलसी 2.0 शुरू किया गया है।

इसके माध्यम से चुनावी प्रक्रियाओं की सही और सटीक जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। इससे चुनाव को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्कूल से विश्वविद्यालय तक बनेगा ईएलसी का नेटवर्क

ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों से विश्वविद्यालयों तक हजारों सक्रिय क्लब बनाए जाएंगे। कक्षा नौवीं से 12वीं तक प्रत्येक कक्षा के हर सेक्शन से कम से कम दो छात्रों, एक छात्र और एक छात्रा, को सदस्य बनाया जाएगा।

स्नातक स्तर पर प्रत्येक स्ट्रीम और हर वर्ष के प्रत्येक सेक्शन से छात्र-छात्राओं का चयन होगा। पोस्ट ग्रेजुएशन और शोध विभाग के विद्यार्थी भी क्लब से जुड़ेंगे।

छात्र खुद चुनेंगे प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट

ईएलसी की कार्यप्रणाली भी लोकतांत्रिक रखी जाएगी। चुने गए प्रतिनिधि मिलकर वर्किंग कमेटी बनाएंगे। इसके बाद प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट का चयन किया जाएगा।

प्राथमिकता सर्वसम्मति को दी जाएगी, लेकिन सहमति नहीं बनने पर मतदान के जरिए पदाधिकारियों का चयन होगा। प्रत्येक संस्थान में एक शिक्षक को ईएलसी कोआर्डिनेटर बनाया जाएगा।

चार गतिविधियों में समझेंगे चुनाव का पूरा खेल

प्रत्येक सत्र में चार महीने के दौरान ईएलसी को चार प्रमुख गतिविधियां पूरी करनी होंगी। पहली गतिविधि में निर्वाचन आयोग के डिजिटल ऐप और ईएलसी पोर्टल की जानकारी दी जाएगी।

दूसरी में 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर मतदाता पंजीकरण के लिए फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। तीसरी गतिविधि में माक पोल के जरिए मतदान प्रक्रिया समझाई जाएगी।

छात्र निभाएंगे BLO से लेकर मतदाता तक की भूमिका

माक पोल के दौरान छात्र अलग-अलग चुनावी भूमिकाएं निभाएंगे। कोई बीएलओ बनेगा तो कोई प्रिजाइडिंग आफिसर, पोलिंग एजेंट या मतदाता की भूमिका में रहेगा।

चौथी गतिविधि में ईवीएम और वीवीपैट की मतगणना से लेकर परिणाम घोषित करने तक की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इस तरह विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।

बेहतर क्लबों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

ईएलसी की गतिविधियों की निगरानी संस्थान स्तर पर ईएलसी कोआर्डिनेटर, जिला स्तर पर डीएम द्वारा नियुक्त नोडल आफिसर और राज्य स्तर पर सीईओ कार्यालय के स्वीप नोडल आफिसर करेंगे।

सभी गतिविधियां ईएलसी पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लबों को 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जिला स्तर पर डीएम और राज्य स्तर पर राज्यपाल एवं सीईओ सम्मानित करेंगे।

राष्ट्रपति करेंगे चयनित प्रतिनिधियों को सम्मानित

ईएलसी के चयनित प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

इस पहल के जरिए विद्यार्थियों में मतदान, मतदाता पंजीकरण और चुनावी प्रक्रिया की समझ बढ़ाने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।