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बिहार में 12 से अधिक मुखिया की कुर्सी खतरे में, कागजों पर स्ट्रीट लाइट दिखाकर की फंड की बंदरबांट

Published: Sun, 06 Sep 2026 11:32 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 11:35 PM (IST)

बिहार में सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले के आरोप में डेढ़ दर्जन मुखियाओं पर बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई है।

स्ट्रीट लाइट घोटाला। (सांकेतिक फोटो)

स्ट्रीट लाइट घोटाला। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. डेढ़ दर्जन मुखियाओं पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी।

  2. सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

  3. ग्रामसभा बैठकों से लगातार अनुपस्थिति भी कार्रवाई का आधार।

राज्य ब्यूरो, पटना। ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले में डेढ़ दर्जन मुखिया पर बर्खास्तगी की तलवार लट गई है। शासन ने गंभीर अनियमितताओं एवं लगातार ग्रामसभा की बैठक से गायब रहने के आरोप में जिलों से मिली शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की है।

कई मुखिया के विरुद्ध फर्जी भुगतान का मामला भी सामने आया है। बगैर काम पूरा हुए या कागजों पर काम दिखाकर सरकारी राशि की निकासी की गई है। अब की जांच में नियम विरुद्ध फंड निकासी एवं बंदरबांट की पुष्टि हुई है।

अहम यह है कि वित्तीय अनियमितता का प्रकरण कई और के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकती है। सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी राशि की निकासी, फर्जी भुगतान और बिना काम पूरा किए भुगतान करने के आरोपों की जांच के बाद शासन स्तर से संबंधित मुखियाओं के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जांच में कई पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि कई जगहों पर निर्धारित संख्या में लाइट लगाई ही नहीं गई, जबकि सरकारी अभिलेखों में काम पूरा दिखाकर राशि की निकासी कर ली गई।

कुछ मामलों में ऐसी योजनाओं के भुगतान का भी मामला सामने आया है, जिनका भौतिक सत्यापन करने पर काम अधूरा मिला या मौके पर काम के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

शिकायतों की जांच के दौरान पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया और अभिलेखों की भी पड़ताल की गई। इसमें नियमों की अनदेखी कर फंड निकालने और सरकारी राशि के बंदरबांट के आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है।

संबंधित पंचायतों में योजना की स्वीकृति से लेकर सामग्री की खरीद, आपूर्ति, स्थापना और भुगतान तक की प्रक्रिया जांच के दायरे में है।

इसके अलावा कुछ मुखियाओं पर लगातार ग्रामसभा की बैठकों में अनुपस्थित रहने का आरोप भी है। शासन ने इसे पंचायत संचालन में गंभीर लापरवाही माना है। ग्रामसभा की बैठक में लगातार अनुपस्थित रहने और पंचायत के कार्यों में नियमों का पालन नहीं करने को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है।

अब संबंधित मुखियाओं से स्पष्टीकरण मांगे जाने और उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी है। आरोपों की पुष्टि होने पर पंचायत राज अधिनियम के तहत पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में हुई गड़बड़ी की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले जनप्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों पर भी कार्रवाई तय है।

इन 12 मुखियाओं को हटाने की कार्रवाई शुरू

  • बटोरन कुमार : डोमा, बख्तियारपुर, पटना
  • इम्तियाज अंसारी : काजीपुर सिमरी, बक्सर
  • दीपनारायण सिंह : पहरी सिमरी, बक्सर
  • अजय कुमार : बरीसवन, शाहपुर, भोजपुर
  • मो.नदीमुर रहमान : ठिकही, कटरा, मुजफ्फरपुर
  • शिवशंकर सिंह : रामपुर डीह, हनुमान नगर, दरभंगा
  • आजाद शाह : मोकरमपुर, मधुबनी
  • रमेश मांझी : श्रीपुर गाहर पश्चिमी, खानपुर, समस्तीपुर
  • किरण बाला : अखलासपुर, कैमूर
  • अखिलेश रजक : भीखनपुरा, देसरी, वैशाली
  • रामानंद सिंह : पिंजौरा, जहानाबाद
  • अंजली कुमारी : सहाजीपुर, सारण

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