बिहार में 10 साल में 46 लाख बढ़े सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक, अब 1.08 करोड़ लाभार्थी, इन योजनाओं में घटी संख्या
बिहार में पिछले 10 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या में 46 लाख से अधिक की ...और पढ़ें

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या बढ़ी। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य में पिछले 10 वर्षों में छह प्रमुख पेंशन योजनाओं के कुल लाभार्थियों की संख्या में 46 लाख 4 हजार 528 की वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में इन योजनाओं के तहत कुल 62 लाख 31 हजार 477 लाभार्थी थे, जबकि सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ 8 लाख 36 हजार 5 हो गई है।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 58 लाख से अधिक लाभार्थी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत सितंबर 2026 तक 58 लाख 31 हजार 921 लाभार्थी दर्ज किए गए है।
यह योजना 2019-20 में शुरू की गई थी। इसके अलावा, बिहार निशक्तता पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2016-17 के 6 लाख 97 हजार 752 से बढ़कर सितंबर 2026 में 9 लाख 40 हजार 880 हो गई है।
वहीं, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 5 लाख 60 हजार 879 से बढ़कर 9 लाख 2 हजार 981 पहुंच गई है।
विधवा पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या में भी वृद्धि : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5 लाख 49 हजार 226 थी।
सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5 लाख 56 हजार 246 हो गई। इस अवधि में योजना के लाभार्थियों की संख्या में 7 हजार 20 की वृद्धि दर्ज की गई है।
कुछ योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या में आई कमी
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2016-17 के 1 लाख 16 हजार 539 से घटकर सितंबर 2026 में 88 हजार 359 रह गई।
इसी प्रकार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 43 लाख 7 हजार 81 से घटकर 25 लाख 15 हजार 618 दर्ज की गई है।
राज्य में संचालित इन छह योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। 10 वर्षों के आंकड़े राज्य में पेंशन योजनाओं के कुल लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाते हैं।
