रग्बी में फर्जी पहचान से खेलने पर सख्त कार्रवाई, बिहार के कोच पर 5 और खिलाड़ी पर 2 साल का बैन; भाजपा MLC को नोटिस
भारतीय रग्बी फुटबाॅल यूनियन (IRFU) ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में फर्जी पहचान के मामले में बिहार रग्बी टीम के कोच गौरव ...और पढ़ें

भारतीय रग्बी फुटबाॅल यूनियन ने लिया एक्शन। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
फर्जी पहचान मामले में IRFU की सख्त कार्रवाई।
बिहार रग्बी कोच गौरव कुमार पर पांच साल का बैन।
खिलाड़ी गोल्डन कुमार दो साल के लिए निलंबित।
जागरण संवाददाता, पटना। भारतीय रग्बी फुटबाल यूनियन (IRAFU) ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में फर्जी पहचान के साथ खेलने के मामले में सख्त कदम उठाते हुए मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की।
आइआरएफयू ने बिहार रग्बी टीम के कोच गौरव कुमार पर खेल से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि खिलाड़ी गोल्डन कुमार को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ ही रग्बी फुटबाल एसोसिएशन आफ बिहार में प्रशासनिक खामियों को लेकर संघ के अध्यक्ष व एमएलसी संजय मयूख को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है।
सात दिनों में जवाब नहीं देने पर हो सकता है बड़ा एक्शन
यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण और एक समयबद्ध 'प्रशासनिक सुधार योजना' प्रस्तुत नहीं की गई, तो संघ की मान्यता निलंबित करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
स्वतंत्र समीक्षा समिति की रिपोर्ट के अनुसार 2021 और 2022 की जूनियर तथा 2022 की सीनियर राष्ट्रीय रग्बी सेवेंस चैंपियनशिप में गोल्डन कुमार ने सुधांशु रंजन की फर्जी पहचान के साथ हिस्सा लिया था।
यह फर्जीवाड़ा टीम के कोच गौरव कुमार के निर्देश पर किया गया था, जिन्होंने भविष्य के बेहतर अवसरों का प्रलोभन देकर एक नाबालिग खिलाड़ी का इस्तेमाल किया था।
इसे खेल भावना और सत्यनिष्ठा का गंभीर उल्लंघन मानते हुए आइआरएफयू बोर्ड ने कोच गौरव कुमार पर 13 अक्टूबर 2026 से अगले पांच वर्षों के लिए कोचिंग, खेलने, टीम प्रबंधन और प्रशासनिक भूमिकाओं पर बैन लगा दिया है।
घटना के समय गोल्डन कुमार के नाबालिग होने के तथ्य और टीम प्रबंधन के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उन्हें 13 अक्टूबर 2026 से दो साल के लिए निलंबित किया गया है।
भाजपा एमएलसी को कारण बताओ नोटिस
इस गंभीर फर्जीवाड़े और सरकारी खेल लाभ प्राप्त करने के लिए पहचान एवं रिकार्ड के गलत इस्तेमाल के मामले में आईआरएफयू ने आरएफएबी के अध्यक्ष संजय मयूख को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जांच समिति ने पाया कि राज्य संघ खिलाड़ियों की पात्रता के सत्यापन में पूरी तरह विफल रहा और पूछताछ के दौरान आवश्यक चयन रिकार्ड, उपस्थिति तथा यात्रा रिकार्ड भी पेश नहीं कर सका।
नोटिस में आरएफएबी के महासचिव पंकज कुमार ज्योति और कोषाध्यक्ष/प्रशासक गौतम प्रताप सिंह की भूमिकाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
