नेपाल में बारिश के बाद कोसी-गंडक का बढ़ा पानी, बिहार में अधिकारी अलर्ट; बाढ़ का अब कितना खतरा?
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा के बाद कोसी और गंडक नदियों के बराजों पर जलस्राव बढ़ा है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है।

गंडक बराज से शनिवार को 2,86,800 क्यूसेक जलस्राव। फाइल
HighLights
नेपाल वर्षा से कोसी-गंडक बराजों पर जलस्राव में वृद्धि हुई।
जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है।
वीरपुर बराज पर जलस्राव घटा, बाढ़ की संभावना फिलहाल कम।
राज्य ब्यूरो, पटना। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा के बाद कोसी और गंडक नदियों के बराजों पर बढ़े जलस्राव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने क्षेत्रीय अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा है।
हालांकि वीरपुर बराज पर जलस्राव में कमी शुरू हो गई है और गंगा का जलस्तर भी फिलहाल कम है। विभाग के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में बाढ़ की संभावना कम है। हालांकि नदियों के जलस्तर एवं बराजों के डिस्चार्ज पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वीरपुर बराज से जलस्राव में कमी
बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र (FMIASC) के 25 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार कोसी नदी पर स्थित वीरपुर बराज में 26 सितंबर की सुबह छह बजे 3,53,407 क्यूसेक तथा गंडक नदी पर स्थित वाल्मीकिनगर बराज में 26 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे 3,81,638 क्यूसेक जलस्राव का अनुमान लगाया गया था।
वीरपुर बराज पर शनिवार सुबह छह बजे अधिकतम 3,13,595 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया। इसके बाद जलस्राव में कमी आने लगी।
सुबह के बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई और वर्तमान में करीब 3,03,795 क्यूसेक जलस्राव प्रवाहित हो रहा है। विभाग के अनुसार कोसी के जलस्राव की प्रवृत्ति घटने की है और फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की संभावना है।
दूसरी ओर गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज पर जलस्राव बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। शनिवार सुबह 11 बजे यहां 2,86,800 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया।
अलर्ट मोड में रखे गए अधिकारी
जलस्राव में वृद्धि को देखते हुए संबंधित क्षेत्र के जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। उन्हें तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
विभाग के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर अभी कम है। नेपाल क्षेत्र में भी वर्तमान में वर्षापात सामान्य है। ऐसे में फिलहाल व्यापक बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना कम है।
इसके बावजूद कोसी और गंडक के जलस्राव में होने वाले बदलाव को देखते हुए विभागीय स्तर पर चौकसी जारी रहेगी। अधिकारियों को किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
