बिहार में 4 हजार KM रेल ट्रैक का होगा सुरक्षा ऑडिट, संवेदनशील जगहों पर लगेंगे सोलर कैमरे; स्टेशनों पर भी CCTV का पहरा
बिहार में रेलवे ट्रैक और स्टेशनों की सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी है, जिसके तहत 4000 किमी रेलखंडों का सुरक्षा ...और पढ़ें

चार हजार किमी ट्रैक की होगी जांच
HighLights
4000 किमी रेल ट्रैक का सुरक्षा ऑडिट होगा।
संवेदनशील स्थानों पर सोलर कैमरे लगाए जाएंगे।
सभी रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनों के आवागमन को देखते हुए रेलवे ट्रैक और स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राज्य के सभी रेलखंडों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
इसके तहत करीब चार हजार किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। रेल पटरियों के आसपास पिछले वर्षों में हुए बदलावों की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
चार हजार किमी ट्रैक की होगी जांच
पुलिस मुख्यालय ने रेलखंडों के सुरक्षा ऑडिट को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। ऑडिट के दौरान यह देखा जाएगा कि पिछले 10-15 वर्षों में रेलवे ट्रैक के आसपास किस तरह की बसावट और गतिविधियों में बदलाव हुआ है। नए गांव-कस्बों के बसने से लेकर व्यावसायिक गतिविधियों तक को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
रेलवे ट्रैक किन-किन स्थानों पर पुल-पुलियों से गुजर रहा है, उनकी मजबूती की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए जाएंगे।
संवेदनशील जगहों पर लगेंगे सोलर कैमरे
रेलवे ट्रैक की निगरानी के लिए संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे ऐसे इलाकों में लगातार निगरानी रखने में मदद मिलेगी, जहां सुरक्षा की दृष्टि से विशेष सतर्कता जरूरी है।
विशेष रूप से नेपाल से सटे रेलखंडों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
आधा दर्जन से अधिक रेलखंड होंगे अधिसूचित
राज्य में आधा दर्जन से अधिक नए रेलखंडों को जल्द अधिसूचित किए जाने की तैयारी है। इनमें सरायगढ़-निर्मली, आरा-सासाराम, हाजीपुर-वैशाली, दनियावां-बिहारशरीफ, राजगीर-तिलैया और दरौंधा-महाराजगंज रेलखंड शामिल हैं।
इन रेलखंडों को भी सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में शामिल किया जाएगा।
सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी लगाने की तैयारी
रेलवे ट्रैक के साथ-साथ स्टेशनों की सुरक्षा को भी मजबूत करने की योजना है। अभी बड़े और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। अब पुलिस मुख्यालय ने छोटे-बड़े सभी रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
एक माह तक सुरक्षित रहेगा फुटेज
प्रस्ताव में सीसीटीवी कैमरों के वीडियो फुटेज का कम से कम एक माह का बैकअप रखने को कहा गया है। किसी घटना के बाद जांच के दौरान पुराने फुटेज की जरूरत पड़ने पर इससे काफी मदद मिलेगी।
रेलवे स्टेशनों और रेल परिसरों में होने वाली गतिविधियों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
