अभय प्रताप। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आगामी परीक्षा (67वीं) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है, जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 नवंबर, 2021 है। इसमें आवेदन देश के किसी भी राज्य के स्नातक उत्तीर्ण स्टूडेंट कर सकते हैं।

पेपर पैटर्न: इस परीक्षा में सामान्यत: तीन चरण होते हैं-प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार। अंतिम रूप से चयन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में मिले अंकों के आधार पर होता है। प्रारंभिक परीक्षा सिर्फ स्क्र्रींनग परीक्षा है, जो छात्रों की भीड़ को कम करती है। इसे पास करने के बाद ही एक निश्चित संख्या में अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है। इस बार बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा जनवरी, 2022 में प्रस्तावित है। इसलिए छात्रों के पास अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में सफलता सुनिश्चित करने के लिए अभी से परीक्षा के अनुरूप उचित रणनीति बनाने की आवश्यकता है।

इस बार के आकर्षण: 1. इस बार बीपीएससी में काफी समय बाद एडीएम के कुल 88 पद जुड़े हैं।

2. नोटिफिकेशन के अनुसार, इस बार कळ्ल पदों की संख्या 700 से ज्यादा है, जिसमें और पद भी जुड़ने की उम्मीद है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए जरूरी कदम: बिहार लोक सेवा योग द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को क्लीयर करने के लिए एक अच्छी रणनीति चाहिए, तभी इसमें सफलता पाई जा सकती है। इसमें दो घंटे में 150 प्रश्न हल करने होते हैं। इसलिए समय को ध्यान में रखते हुए एक अच्छी रणनीति बनाना जरूरी है। इसके लिए सर्वप्रथम प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम का सही से अध्ययन करें तथा विगत 10 वर्षों में पूछे गये प्रश्नों का सूक्ष्म अवलोकन करें। फिर पिछले दस वर्षों में पूछे गये प्रश्नों की प्रकृति के अनुरूप अपनी तैयारी की योजना बनाएं। चूंकि प्रारंभिक परीक्षा में तथ्यों से संबंधित प्रश्न ज्यादा होते हैं, इसलिए उसी प्रकार स्ट्रेटेजी भी बनानी चाहिए।

इन पर दें विशेष ध्यान

1 .एनसीईआरटी एवं सामान्य लूसेंट की किताबों से तैयारी करें।

2. वायरस, बैक्टीरिया, रक्त, विटामिन, रोग आदि पर आपको विशेष जोर देने की जरूरत है।

3. समसामयिकी के लिए राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र और प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित विश्वसनीय पत्रिकाएं पढें़। खासतौर पर अंतिम आठ महीनों का समसामयिकी अधिक महत्वपूर्ण है।

4. ओलिंपिक, आइपीएल तथा टी-20 वल्र्ड कप पर विशेष फोकस रखें। इसके अलावा , जनगणना (भारत और बिहार), वन रिपोर्ट तथा अन्य वैश्विक रिपोर्ट भी एक बार अवश्य देखें।

5. प्राचीन इतिहास में सबसे प्रमुख योगदान बिहार का है, इसलिए इस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

6. मध्यकालीन इतिहास के तहत प्रमुख स्थापत्य, पुस्तकों के नाम और लेखक तथा तीर्थ यात्री पर विशेष ध्यान रखना होगा।

7. भूगोल के अंतर्गत एनसीईआरटी (कक्षा छह से 12 तक की किताबें), एटलस पर आपको ध्यान देना होगा, क्योंकि विश्व भूगोल से पांच-छह प्रश्न होते हैं। साथ ही, मरुस्थल, झील, धाराएं, पर्वत पर भी नजर रखने की जरूरत है।

8. अर्थशास्त्र के लिए आप घटना-चक्र की आर्थिकी विशेष देखें।

9. संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, राज्यपाल, संवैधानिक संस्थाएं, न्यायालय, अनुच्छेद तथा संवैधानिक संशोधन आदि महत्वपूर्ण पार्ट हैं, जिसमें से प्रश्न पूछे जाते हैं?

10. विविध में खेलकूद और संस्थाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

11. परीक्षा के अंतिम 20 दिन में कळ्छ नया न पढ़ें। सिर्फ रिवीजन करें।

आगे की तैयारी: इस परीक्षा की तैयारी के लिए आप सभी के पास ढाई महीने का समय शेष है। यह समय आंकड़ों के आधार पर कम लगता है, लेकिन यदि आप अनुशासित होकर तैयारी करेंगे, तो अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। अगर बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा को देखें, तो इसमें चार विषयों-आधुनिक भारत का इतिहास, सामान्य विज्ञान, बिहार सामान्य अध्ययन और बिहार समसामयिकी पर आपका विशेष फोकस होना चाहिए। लगभग 100 प्रश्न इन्हीं चार विषयों से आते हैं।

अभय प्रताप

टाप एडुकेटर, अनएकेडमी, बीपीएससी की स्मार्ट तैयारी

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Edited By: Sanjay Pokhriyal