पेट्रोल पंप पर दिखेंगे जेल के कैदी, हाथ में होगी नौकरी की जिम्मेदारी; बिहार की 4 जेलों में 200 बंदियों को रोजगार
राज्य के चार सेंट्रल जेलों - मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर और बक्सर - के कैदी अब पेट्रोल पंपों का संचालन करेंगे। ...और पढ़ें

बिहार की चार जेलों के कैदी पेट्रोल पंप पर करेंगे काम। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के चार सेंट्रल जेलों के कैदी जल्द ही पेट्रोल पंप चलाएंगे। मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर और बक्सर केंद्रीय कारा की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप का संचालन किया जाएगा।
इसके लिए राज्य सरकार पेट्रोलियम कंपनियों को सिर्फ जमीन मुहैया कराएगी। पेट्रोलियम कंपनियां ही सारा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेंगी।
राज्य सरकार को कोई भी राशि खर्च नहीं करनी है। सम्राट कैबिनेट से इसकी स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। पेट्रोल पंप शुरू होने के बाद सेंट्रल जेल के औसत 50-50 कैदियों को तेल भरने से लेकर रखरखाव आदि का काम मिलेगा।
50-50 कैदियों को मिलेगा रोजगार
इसके बदले कैदियों को पारिश्रमिक का भी भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार को भी कमाई में हिस्सेदारी मिलेगी जिससे सरकारी राजस्व प्राप्त होगा।
इसी माह पेट्रोलियम कंपनियों से करार के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। गृह विभाग (कारा) के अनुसार, मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा और पूर्णिया केंद्रीय कारा में इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (IOCL) का चयन किया गया है।
वहीं भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा और बक्सर केंद्रीय कारा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेशन लिमिटेड का चयन पेट्रोल पंप संचालन के लिए किया गया है।
एमओयू प्रस्ताव आ चुका है, जिसपर इसी पखवारे पेट्रोलियम कंपनियों और जेल अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बेहतर आचरण वाले कैदियों को मिलेगी जिम्मेदारी
कारा प्रशासन के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर बेहतर आचरण वाले कैदियों को काम में लगाया जाएगा। इसके अलावा ऐसे कैदी जो लंबी जेल की सजा काट चके हैं, और उनकी बहुत कम सजा बची हैं, उनकी सेवाएं भी ली जाएंगी।
पेट्रोल पंप परिसर में सीएनजी की भी सुविधा होगी। भविष्य में वाशिंग यूनिट, कैफेटेरिया आदि भी शुरू करने की योजना है। पेट्रोल पंपों पर होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा।
