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    बिहार में प्रदूषण का कहर! रेड जोन में पहुंची समनपुरा की हवा, छपरा का AQI सबसे कम

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 08:20 PM (IST)

    बिहार में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। पटना के समनपुरा इलाके की हवा लाल क्षेत्र में पहुंच गई है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। छपरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे कम है, लेकिन वहां भी प्रदूषण चिंताजनक है। समनपुरा में PM2.5 और PM10 की मात्रा खतरनाक स्तर पर है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

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    समनपुरा में वायु प्रदूषण। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के समनपुरा सहित नौ शहरों की हवा शनिवार को प्रदूषित रही। समनपुरा, अररिया, औरंगाबाद, बक्सर, गया, हाजीपुर, मुंगेर, मुजफ्फरपुर एवं सासाराम में मध्यम दर्जे का प्रदूषित शहर रहा।

    बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राजधानी का समनपुरा सबसे अधिक प्रदूषित स्थानों में से एक रहा। यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 318 दर्ज किया गया। इसे रेड जोन में रखा गया है, जबकि सासाराम का एक्यूआइ 175 दर्ज किया गया। समनपुरा के बाद सासाराम अधिक प्रदूषित शहरों में से एक रहा।

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    पटना का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 128 दर्ज किया गया। पटना इलाके में राजवंशी नगर 100, मुरादपुर 130, पटना सिटी शिकारपुर 76, दानापुर 128 एक्यूआइ दर्ज किया गया।

    समनपुरा की हवा में पीएम 2.5 अधिकतम दर्ज किया गया, जबकि पीएम 10 की स्थिति अधिकतम 165 तक रही। प्रदेश में 51 एक्यूआइ के साथ छपरा की हवा सबसे स्वच्छ रही।

    घटती बढ़ती रहती है वायु की गुणवत्ता

    सर्दी के दिनों में वायु की गुणवत्ता घटती-बढ़ती रहती है। मौसम विज्ञानी ने बताया कि सर्द दिनों में तापमान कम होने के कारण हवा सांद्र हो जाती है। हवा में घनत्व के बढ़ने और तापमान कम होने के कारण प्रदूषित हवा नीचे रह जाती है। ऐसे में वह धुंध की तरह दिखती है। कोहरे के साथ प्रदूषण और खतरनाक गैस मिश्रण बनाता है।

    इस कारण कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर घटता-बढ़ता रहता है। प्रदेश की भौगोलिक संरचना का असर भी शहर की वायु गुणवत्ता पर प्रभाव डालता है। मिट्टी ठोस नहीं होने के कारण हवा में धूलकण की मात्रा इस मौसम में अधिक हो जाती है। गर्म हवा ऊपर उठने के साथ ठंडी हवा नीचे आती है।

    इससे वायुमंडल में व्याप्त धूलकण जमा होने लगते हैं। पश्चिमी हवा में व्याप्त धूलकणों की वजह से शहर की वायु गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर हो रहे निर्माण कार्य के कारण हवा का स्तर खराब होता है।

    शहर के अलग-अलग जगहों पर लगातार सड़कों पर पानी का छिड़काव नियमित रूप से होने पर हवा को स्वच्छ रखा जा सकता है।

    प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक

    सासाराम 175

    हाजीपुर 133

    मुंगेर 130

    अररिया 126

    बक्सर 128

    पटना 118

    गया 108

    मुजफ्फरपुर 103

    औरंगाबाद 102

    बेतिया 98

    भागलपुर 92

    सहरसा 92

    मोतिहारी 86

    बेगूसराय 85

    बिहारशरीफ 65

    सिवान 60

    समस्तीपुर 54

    छपरा 51

    वायु गुणवत्ता की श्रेणी

    AQI रेंज श्रेणी रंग कोड
    0 - 50 अच्छा ● हरा
    51 - 100 संतोषजनक ● हल्का हरा
    101 - 200 मध्यम प्रदूषित ● पीला
    201 - 300 खराब ● नारंगी
    301 - 400 बहुत खराब ● लाल
    401 - 450 गंभीर ● मैरून