पटना,  राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि देश-विदेश की मानक रेटिंग संस्थाएं बिहार की बदहाली की चर्चा कर रही हैं। लेकिन, सत्तारूढ़ दल (Ruling Party) इसे मानने को तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं 16 वर्षों के कागजी विकास को आइना दिखा रही हैं। लेकिन सरकार अहंकार में डूबी हुई है। वह अपनी विफलताओं को स्वीकार नहीं कर रही हैं। ये विपक्ष के नहीं, उनकी सरकार और एजेंसियों के आंकड़े  हैं।  भला जो अपनी गलती ही स्वीकार नहीं करेगा, वह ख़ामियों को दूर कैसे करेगा? तेजस्वी ने कहा कि 30-40 वर्ष के भूतकाल में डूबे रहने वाली सरकार को वर्तमान के आंकड़ों के साथ भविष्य, वर्तमान एवं अपने भूत के 16 वर्षों का आकलन अवश्य करना चाहिए कि उदारीकरण के बाद भी बिहार विकास के मानकों पर इतना पीछे क्यों है। 

ट्वीट कर तेजस्‍वी ने सरकार पर कसा तंज 

बता दें कि तेजस्‍वी यादव ने ट्व‍ीट करते हुए सरकार पर तंज कसा है। उन्‍होंने लिखा है कि देश-विदेश के प्रतिष्ठि‍त मूल्‍यांकन व मानक संस्‍थानों, नीति आयोग, एनसीआरबी, एनएचआरएम, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने बिहार की शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, कानून व्‍यवस्‍था, गरीबी, बेरोजगारी, पलायन आदि से संबंधित शोधपूर्ण रिपोर्ट पेश की है। लेकिन सीएम नीतीश कुमार के अनुसार सब रिपोर्ट झूठी हैं।  मालूम हो कि नीति आयोग (NITI Ayog) की रिपोर्ट को लेकर तेजस्‍वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने भी ट्वीट कर तंज कसा है। उन्‍होंने कहा है कि 16 साल से एक ही क्‍लास में फेल हो रहे हैं फिर भी अपने आप को तोप बता रहे हैं। इधर लोजपा (रामविलास) के अध्‍यक्ष और सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने भी सरकार को इस मुद्दे पर घेरा है। उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा है कि ये ऐसे स्‍टूडेंट हैं जो अपनी रिपोर्ट कार्ड छिपा लेते हैं।   

 

Edited By: Vyas Chandra