जागरण टीम, पटना। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो चुका है। दूसरे दिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के बीच हुई तल्खी बुधवार को खत्म हो गई। खुद  मनेर से आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने पहल की और बीजेपी एमएलए संजय सरावगी के मानने पहुंचे। खुशनुमा माहौल के बीच शराब मामले को लेकर मुख्यमंत्री पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला किया। इसके साथ ही जातीय जनगणना को लेकर साथ आने की भी बात कही। तेजस्वी ने कहा कि जातिगत जनगणना देश हित में है। हम सीएम को फिर पत्र लिखकर राज्य सरकार के खर्चे पर खुद जातीय जनगणना कराने की मांग करेंगे। 

शीतकालीन सत्र के बाद मीडिया से बात करते हुए राजद विधायक तेजस्वी यादव ने कहा कि विधान परिषद और विधानसभा में जातीय जनगणना का प्रस्ताव लाया गया था, जिसे सर्वसम्मति से पास भी किया गया। सीएम नीतीश के सामने हमने प्रस्ताव रखा कि इस मुद्दे पर पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलकर अपनी बात रखेंगे। सीएम के साथ हम लोग प्रधानमंत्री से मिले भी। इस बीच मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित तौर पर संसद में कह दिया कि जातीय जनगणना नहीं होगी। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने उपचुनाव के बाद इस मुद्दे पर पहल करने की बात कही थी, लेकिन अबतक उनकी तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश इसके पक्ष में हैं, ऐसे में उन्हें अपने खर्चे पर जातिगत जनगणना कराए जाने के लिए हम पत्र लिखेंगे। जातिगत जनगणना से केवल बिहार का फायदा नहीं है, यह देश हित में है। नेता प्रतिपक्ष का पत्र सीएम को न मिलने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि मेरा और नीतीश जी का घर तो बगल में ही है। वैसे भी मैं सीएम को पत्र लिखकर ट्विटर पर टैग भी करता हूं। अब सीएम को नहीं मिल रहा है तो उन्हें थोड़ा अपडेट होना होगा। 

Edited By: Akshay Pandey