पटना, राज्‍य ब्‍यूरो। Bihar Politics: नीतीश सरकार में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) भी आरआरबी-एनटीपीसी के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उतर गई है। जदयू ने तो पहले ही मुकदमा वापसी की मांग कर दी है। इस प्रकार से देखा जाए तो छात्रों के आंदोलन ने राजनीतिक रंग अख्तियार कर लिया है। भाजपा को छोड़ लगभग सभी पार्टियां बंद के समर्थन में आ गई हैं। वीआइपी ने एलान कर दिया है कि 28 जनवरी को प्रदर्शनकारी छात्रों के बुलाए गए बंद का समर्थन करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा प्रक्रिया का विरोध करते हुए युवाओं के पक्ष में अपना नैतिक समर्थन दिया है। मुकेश सहनी ने कहा कि वे अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले हर नौजवान के साथ हैं।

सहनी बोले-रेलवे बोर्ड कर रहा नाइंसाफी 

सहनी ने कहा कि भारतीय रेल हमारे देश का गौरव है। पर आज जिस प्रकार रेलवे बोर्ड देश के नौजवानों के साथ नाइंसाफी कर रहा है उसे बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। सहनी और देव ज्योति ने नौजवानों से आग्रह किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएं। शांति के मार्ग को ही अपना कर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। वहीं रेलवे की परीक्षा में अनियमितता के आरोप में आंदोलनकारी छात्रों के बुलाए गए बिहार बंद को हम ने नैतिक समर्थन दिया है। हम के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व पूर्व सीएम जीतन राम मांझी पहले ही खान सर समेत अन्‍य शिक्षकों पर कार्रवाई का विरोध कर चुके हैं।   

वहीं जदयू भी इस मामले में कार्रवाई का विरोध कर चुका है। जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ललन सिंह ने मुकदमा वापस लेने की मांग की है। उन्‍होंने आंदोलित छात्रों से अपील किया है कि वे शांति बनाए रखें। जांच कमेटी बनाई गई है उन्‍हें जल्‍द न्‍याय मिलेगा। 

  

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Edited By: Vyas Chandra