पटना, राज्य ब्यूरो । HIGHLIGHTS Vidhan Sabha Speaker Chunav: बिहार के संसदीय इतिहास में अरसे बाद विधानसभा अध्यक्ष पद का आज चुनाव हुआ है। प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी ने विजय कुमार सिन्‍हा के बिहार विधान सभा के स्‍पीकर पद पर निर्वाचित होने की घोषणा की । राजग प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। बुधवार को भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने पक्ष और विपक्ष के विधायकों को खड़ा कर मत विभाजन किया। 243 सदस्यों वाली विधानसभा में राजग उम्मीदवार विजय सिन्हा के पक्ष में 126 विधायकों खड़े होकर अपना समर्थन दिया। महागठबंधन के प्रत्याशी अवध बिहारी चौधरी के समर्थन में 114 विधायक खड़े हुए। प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी द्वारा विजय सिन्हा के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नए अध्यक्ष को आसन तक ले गए और उन्हें पदभार ग्रहण कराया।

पहले ध्वनि मत से पूरी की गई थी चुनाव प्रक्रिया :

विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को अपने निर्धारित समय 11 बजे प्रारंभ हुई। चार सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ हुई। पहले वॉयस वोटिंग कराई गई लेकिन, विपक्ष गुप्त मतदान पर अड़ा रहा। प्रोटेम स्पीकर मांझी ने साफ कर दिया कि संविधान में गुप्त मतदान के प्रावधान नहीं। अलबत्ता मांझी ने मत विभाजन से चुनाव कराने की मंजूरी जरूरी दी।

सदन के सदस्य नहीं रहने पर बवाल

मत विभाजन से चुनाव प्रारंभ होते इसके पूर्व घंटी बजाकर सदन के बाहर रह गए सदस्यों को अंदर बुला लिया गया। चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मंत्री अशोक चौधरी और मुकेश सहनी की मौजूदगी पर सवाल खड़े कर दिए। हंगामा बढ़ता देख प्रोटेम स्पीकर को सभा की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा नहीं, विधान परिषद के सदस्य हैं, जबकि चौधरी और साहनी न विधानसभा के सदस्य हैं न ही विधान परिषद के।

मत विभाजन से हुआ फैसला

पांच मिनट के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। प्रोटेम स्पीकर ने हंगामा करने वाले सदस्यों को समझा बुझाकर उनके स्थान पर वापस भेजा और मत विभाजन से चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले सत्तापक्ष के विधायक अपने स्थान पर खड़े हुए इसके बाद विपक्ष के। बारी-बारी से दोनों बेंच के सदस्यों की गिनती की गई और प्रोटेम स्पीकर ने राजग के प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा को विजयी घोषित किया।

पक्ष-विपक्ष ने दी नए अध्यक्ष को बधाई :

विजय कुमार सिन्हा के अध्यक्ष बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा, हम प्रमुख जीतन राम मांझी, मंत्री मुकेश सहनी ने उन्हें बधाई दी। 

HIGHLIGHTS Vidhan Sabha Speaker Chunav:

 01: 11 बजे - कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजित शर्मा  ने सदन में संबोधन के साथ ही स्‍पीकर विजय कुमार सिन्‍हा को बधाई दी । वाम दल की ओर से महबूब आलम ने अध्यक्ष चुने जाने पर विजय सिन्‍हा को बधाई दी और अपनी अपेक्षाएं बताई ।  वीआइपी के अध्यक्ष और मंत्री मुकेश सहनी ने धन्यवाद देते हुए लालू यादव पर निशाना साधा। बोले जेल से फोन नहीं करना चाहिए था। संविधान और नियमों को  ध्यान रखना चाहिए हम प्रमुख जीतन राम मांझी में भी बधाई दी। एमआएमआएम के अख्‍तरूल ईमान ने  बधाई दी। लोजपा के राज किशोर सिंह ने बधाई दी।

 12: 59 बजे -  तेजस्वी यादव का सम्बोधन शुरू, तेजस्वी ने कहा बहुत ही जिम्मेदारी से भरा पद है। बहुत बहुत बधाई। हम वैशाली से जीत कर आए है, जो दुनिया मे लोकतंत्र की जननी है। मेरा सभी से अनुरोध है  कि संविधान की रक्षा करें। सच को जितना भी छुपाये वह समय समय पर निकल आता है। झूठ और असत्य का साथ नहीं दे सकते हैं ।  विपक्ष की ओर से और अपने विधान सभा क्षेत्र राघोपुर की ओर से स्‍पीकर विजय सिन्‍हा को शुभकामनाएं और बधाई दी ।

 12: 44 बजे - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सदन में सम्बोधन शुरू।  नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई दी

 उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने विजय सिन्हा को  अध्यक्ष चुने जाने की बधाई दी । इसके बाद डिप्‍टी सीएम रेणु देवी ने भी नए स्‍पीकर को बधाई दी । पूर्व स्‍पीकर विजय कुमार चौधरी ने बधाई दी और कहा कि आश्‍वास्‍त करना चाहता हूं कि सदन के सदस्‍य जो भी जनहित के मुद्दे उठाएंगे उसपर स्‍पीकर महोदय सार्थक बहस कराएंगे।

12: 44 बजे - स्‍पीकर विजय कुमार सिन्‍हा ने सबका आभार जताया ।

 12: 32 बजे - प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी ने चुनाव प्रक्रिया संपन्‍न होने की घोषणा की। मतों की गिनती पूरी हो गई है। सदस्‍यों से  आसन पर बैठने का अनुरोध किया। कहा वोटिंग हो चुका है। कहा- हां के पक्ष में 126 और ना के पक्ष में 114 वोट पड़े । हां के पक्ष में बहुमत है। श्री विजय कुमार सिन्‍हा बिहार विधान सभा के स्‍पीकर निर्वाचित हुए। उन्‍होंने सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव से स्‍पीकर महोदय को आसन ग्रहण करवाने का आग्रह किया।

 12: 32 बजे - विपक्ष के  विरोध और नारेबाजी के बाद सीएम नीतीश कुमार सदन से बाहर निकले। अब फिर से शुरू हुई अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया। प्रोटेम स्पीकर मत विभाजन करा रहे। प्रोटेम स्‍पीकर कह रहे हैं कि परिणाम आते ही वे सुनाएंगे। विपक्ष अब भी गुप्‍त मतदान की मांग कर रहा है।

 12: 26 बजे -  सीएम नीतीश कुमार को सदन से बाहर करने की विपक्ष की लगातार मांग पर  प्रोटेम स्‍पीकर ने कहा कि यहीं सदन है , जब राबड़ी देवी मुख्‍यमंत्री थीं तब लालू प्रसाद यादव एमपी होते हुए भी सदन में मौजूद थे।

 12: 24 बजे -  प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए फिर से गिनती कराई ।  जो खड़े हैं, उनकी गिनती हो रही है। विपक्ष के सदस्‍य जो बैठे हैं, उनकी भी गिनती हो रही है। बता दें कि ध्‍वनि मत से फैसला नहीं होने पर सदस्‍य  खड़े होकर पक्ष में मत दे रहे हैं।

 12: 21 बजे - सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही सीएम की उपस्थिति पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने फिर सवाल उठाए । लेकिन प्रोटेम स्‍पीकर ने कहा कि नीतीश कुमार सदन के नेता हैं। उनकी मौजूदगी होनी चाहिए। स्‍पीकर चुने जाने के बाद वे ही अध्‍यक्ष को कुर्सी तक लेकर जाएंगे।

 12: 16 बजे - प्रोटेम स्‍पीकर अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गए हैं। कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हो जााएगी।

12: 08 बजे - स्‍पीकर पद की चुनाव की प्रक्रिया संपन्‍न हो चुकी है। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरूहोते ही प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी थोड़ी ही देर में परिणाम की घोषणा करेंगे।

 12: 02 बजे - प्रोटेम स्पीकर के आसन का घेराव कर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं । जीतनराम मांझी ने सदस्‍यों को शांत करा पांच मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्‍थगित की ।

11: 59 बजे - विधानसभा में अब मत विभाजन की प्रक्रिया शुरू। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि दूसरे सदन के सदस्य वोट नहीं करेंगे। विपक्ष सीक्रेट वोटिंग पर अड़ा, तेजस्वी ने प्रोटेम स्पीकर मांझी से कहा- ये सरकार चोर दरवाजे से बनी है। राजग के सदस्य मत विभाजन के लिए अपनी सीट पर खड़े हो गए हैं, लेकिन विपक्ष अभी भी हंगामे पर उतारू है। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि अगर विपक्ष के पास सदस्यों की पर्याप्त संख्या है तो खड़े होकर मत विभाजन प्रक्रिया में शामिल हों और परंपरा का निर्वहन करें। उन्होंने सभा वेश्म में खड़े विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि अपनी सीट पर जाएं और चुनाव शांति से संपन्न हो जाने दें।

 11: 54 बजे - तेजस्वी ने प्रोटेम स्पीकर के समक्ष जनादेश चोरी का आरोप लगाया ।  विपक्ष लगा रहे नारे --सदन से बाहर जाओ--सदन से बाहर जाओ।  कानून के जानकार सुभाष कश्यप ने विपक्ष के विरोध को खारिज किया। कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों का रहना गैर संवैधानिक नहीं है। यह प्रोटेम स्पीकर के विवेक पर निर्भर करता है कि वह अनुमति देते हैं  या नहीं !

11: 51 बजे - विजय चौधरी बोले-जब मतदान की बात आती है और आसन कहता है कि सदस्य खड़े होकर मत विभाजन की प्रक्रिया पूरी करें तो जो इस सदन के सदस्य नहीं होते हैं वे खड़ें नहीं होते हैं। इसलिए नीतीश कुमार समेत अन्य मंत्रियों की मौजूदगी पर विपक्ष का विरोध का कोई मतलब नहीं है।

 11: 49 बजे - मुख्यमंत्री को सदन से बाहर करने को ले लगातार  नारेबाजी हो रही है । स्पीकर पद के चुनाव के लिए विधानसभा में कराया जा रहा मत विभाजन। प्रोटेम स्पीकर ने व्यवस्था दी कि जो सदन की सदस्यता की शपथ ले चुके हैं वही मत प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

11: 45 बजे - सदन में सीएम नीतीश कुमार, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी की उपस्थिति पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी  यादव ने आपत्ति जताई ।  इसपर प्रोटेम स्पीकर बोले जो सदन के सदस्य हैं, वही मतदान में शामिल होंगे।नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के नाते सदन में रह सकते हैं वोट में भाग नही लेंगे । इसके बाद विपक्ष के नेता वेल में आकर कर रहे प्रदर्शन

11: 44 बजे - विपक्ष गुप्त मतदान पर अड़ा। मगर प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि गुप्त मतदान का कोई प्रावधान नहीं है

 

11: 43 बजे -  वॉइस वोटिंग शुरू की गई। मगर  विपक्ष की आपत्ति के बाद प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि जो पक्ष में है वह खड़े हो जाएं ।

11: 39 बजे - एआइएमआइएम के प्रदेश अध्‍यक्ष ने स्‍पीकर के चुनाव के ऐन पहले सदन में कहा कि स्‍पीकर पद के लिए सर्वसम्मितति बनाने की जो परिपाटी रही है, उसे बरकरार रखना चाहिए ।

बता दें कि मंगलवार (24 नवंबर) देर रात तक ग्रांड एलायंस डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयोजक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में बैठक होती रही। हालांकि सबने माना कि विधानसभा अध्यक्ष का पद गरिमामय होता है। इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। किंतु किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका। आखिर में एआइएमआइएम के विधायकों ने निर्णय लेने का अधिकार असदुद्दीन ओवैसी को सौंप दिया है।

 बता दें कि सत्ता पक्ष के विजय सिन्हा के मुकाबले महागठबंधन की ओर से अवध बिहारी चौधरी को प्रत्याशी बनाकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया गया था। स्पीकर का चुनाव सदन में बहुमत का खेल है। जिस गठबंधन के पास ज्यादा विधायकों की संख्या होगी, उसकी जीत तय है। इस हिसाब से राजग उम्मीदवार विजय सिन्हा की जीत सुनिश्चित थी। राजग के पास लोजपा एवं निर्दलीय को मिलाकर 127 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन के पास मात्र 110 विधायक हैं। ओवैसी की पार्टी ने अभी अपना स्टैंड साफ नहीं किया है। ऐसे में दोनों गठबंधनों में फासला बड़ा है। फिर भी 51 साल बाद होने जा रहा यह चुनाव दिलचस्‍प बन गया।

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