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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics ...तो लालू यादव मुख्यमंत्री नहीं बने होते, गिरिराज सिंह बोले- हिम्मत हो तो मेरी बात काटकर बताओ

By Jagran NewsEdited By: Deepti Mishra
Published: Thu, 05 Oct 2023 03:59 PM (IST)Updated: Thu, 05 Oct 2023 04:07 PM (IST)

बिहार की राजधानी पटना में कैलाशपति मिश्र की जन्मशताब्दी पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ...और पढ़ें

राजद सुप्रीमो लालू यादव (बाएं), केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (दाएं)। फाइल फोटो
राजद सुप्रीमो लालू यादव (बाएं), केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (दाएं)। फाइल फोटो

 राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार भाजपा अध्यक्ष की ओर से कैलाशपति मिश्र की जन्मशताब्दी (Kailashpati Mishra Birth centenary) पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की घेरा। उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र न होते तो लालू यादव मुख्यमंत्री नहीं बने होते।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर लालू में हिम्मत है तो वह मेरी बात काटकर बताएं। पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने मंच से वंदे मातरम, भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगवाए।

इसके बाद उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र ना होते तो लालू यादव (Lalu Yadav) मुख्यमंत्री नहीं बने होते। यदि लालू में हिम्मत है तो मेरी इस बात को काटकर दिखाएं।

सम्राट ने दिलमणि देवी को दिलाई पार्टी की सदस्यता

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कैलाशपति मिश्र की जन्मशताब्दी पर उनकी पुत्रवधू दिलमणि देवी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधानमंडल दल के नेता विजय सिन्हा और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे समेत अन्य नेताओं ने उनका दल में स्वागत किया। बापू सभागार में आयोजित जयंती कार्यक्रम में दिलमणि देवी ने घरवापसी की

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2015 में थामा था JDU का दामन, अब घरवापसी

बता दें कि भाजपा ने साल 2015 में विधानसभा चुनाव में पार्टी के भीष्म पितामह रहे कैलाशपति मिश्र की पुत्रवधू का टिकट काट दिया था। दिलमणि तब भाजपा का सिटिंग विधायक थीं। उन्होंने भाजपा पर सीधे तौर पर धोखा देने का आरोप लगाया था। आहत होकर दिलमणि ने जदयू का दामन थाम लिया था।

इसके बाद कैलाशपति मिश्र की पुत्रवधू को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू में बुलाकर राज्य महिला आयोग (State Women Commission) का अध्यक्ष बनाया था।

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