राज्य ब्यूरो, पटना : बिहार के सूचना व जनसंपर्क और जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने पाडकास्ट के जरिए अब संवाद की पहल की है। ऐसा करने वाले वे राज्य के पहले मंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि पाडकास्ट आज संवाद एवं संचार का तेजी से उभरता हुआ माध्यम है तथा आने वाले समय में यह और भी सशक्त माध्यम बनेगा। इसीलिए उन्होंने राज्य की जनता से संवाद करने के लिए इस माध्यम को अपनाया है। 

रेडियो के दिनों को किया याद

पुराने दिनों को रेडियो कार्यक्रम को याद करते हुए झा ने कहा कि आज की पीढ़ी ने वह दौर नहीं देखा है, लेकिन हमलोग तो रेडियो सुनकर बड़े हुए हैं। सूचना क्रांति के मौजूदा दौर में भी, आकाशवाणी समाचार की कई यादें आज भी जेहन में ताजा हैं। समाचार सुनने के लिए रेडियो आन करने पर गूंजने वाली उस गहरी आवाज की एक अलग ही पहचान थी- “ये आकाशवाणी है, अब आप देवकीनंदन पांडे से समाचार सुनिए।” या जब प्रादेशिक समाचार बिहार का आता था उसकी भी अपनी अलग जगह थी। इसी तरह बचपन में हमारे लिए मनोरंजन का एक बहुत बड़ा माध्यम 'बिनाका गीतमाला' होती थी और मशहूर अनाउंसर अमीन सयानी की जादुई आवाज आज भी कभी-कभी दिमाग में गूंजती है। विश्व कप के मैच की कमेंट्री भी लोग रेडियो पर सुनते थे। आडियो के माध्यम में एक अद्भुत शक्ति है, और यह शक्ति अपने एक नए रूप में यानी पाडकास्ट के रूप में निकट भविष्य में हमारी जिंदगी के अहम पहलुओं में शामिल होगी।

पाडकास्ट के जरिए लोगों को किया जाएगा जागरूक

मंत्री ने कहा कि सरकार के पास ऐसी बहुत सी सूचनाएं होती हैं, जिनके प्रति जागरूक रह कर ही लोग उसका लाभ उठा सकते हैं। ऐसी सूचनाओं को सरकार विभिन्न पारंपरिक माध्यमों के जरिये जनता तक पहुंचाती रहती है। मुझे लगता है कि इसके लिए जल्द पाडकास्ट भी एक अच्छा जरिया बनेगा।

Edited By: Rahul Kumar

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