पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: 17वीं बिहार विधान सभा के पहले ही दिन शपथ ग्रहण समारोह के दौरान असदुउद्दी ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम ( The All India Majlis-e- Ittehad-ul Muslimee )  के पांच विधायकों ने अपने तेवर दिखाए । विधायकों ने शपथ पत्र में लिखे हिंदुस्‍तान शब्‍द पर आपत्ति की और  हिंदुस्‍तान की जगह भारत बोलने पर अड़े। इस पर बीजेपी विधायकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा, जो हिंदुस्‍तान नहीे बोल सकते उन्‍हें पाकिस्‍तान चले जाना चाहिए। उधर, कटिहार जिले के कदवा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित मुस्लिम विधायक शकीलअहमद खां ने संस्कृत में शपथ ली। उनका यह अंदाज पूरे सदन को चौंका गया।  बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि उनकी चुनौती भाजपा से है, इसलिए उन्‍होंने संस्‍कृत में शपथ ली । उनके पहले सीतामढ़ी के मिथिलेश कुमार ने संस्कृत में शपथ ली। जदयू के रत्नेश सदा ने भी संस्कृत में ही शपथ ली। 

जब पूरा सदन असहज हो गया

बिहार विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों को सोमवार (23 नवंबर) को शपथ दिलाई जा रही थी। शपथ लेने से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के विधायक ने शपथ के दौरान हिंदुस्तान शब्द के इस्तेमाल से इन्कार कर सदन में असहज स्थिति पैदा कर दी। विधानसभा में नव निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान उस वक्त पूरा सेंट्रल हाल शांत हो गया जब एआइएमआइएम के विधायक अख्तरुल ईमान ने यह मसला उठा दिया कि उर्दू में भारत का अनुवाद हिंदुस्‍तान कर दिया जाना ठीक नहीं। हम हिंदुस्तान नहीं, भारत के नाम पर शपथ लेना चाहते हैं। अख्तरुल ईमान की इस टिप्पणी पर विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने तुरंत अपना नियमन दिया। उन्होंने कहा कि यह तो संवैधानिक व्यवस्था है। हालांकि प्रोटेम अध्यक्ष के नियमन के बाद अख्तरुल ईमान ने हिंदुस्तान के नाम पर ही शपथ ली, मगर सदन में उनकी इस टिप्पणी ने शपथ के बाद तूल पकड़ लिया।

 कहा, नहीं लेंगे हिंदुस्तान के संविधान के नाम पर शपथ

अख्तरुल का नाम जैसे ही शपथ के लिए पुकारा गया, उन्होंने हिंदुस्तान शब्द पर आपत्ति जता दी। उन्हें उर्दू में शपथ लेनी थी। प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी से उन्होंने हिंदुस्तान के बदले भारत शब्द बोलने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा में शपथ लेते वक्त भारत के संविधान शब्द का प्रयोग किया जाता है। मैथिली भाषा में भी यही शब्द आता है, लेकिन उर्दू में शपथ के लिए जो प्रपत्र दिया गया है, उसमें भारत के बदले हिंदुस्तान लिखा गया है। अख्तरुल ने कहा कि वह भारत के संविधान के नाम पर शपथ लेंगे, न कि हिंदुस्तान के संविधान के नाम पर।

अख्‍तरुल ईमान विधान सभा से बाहर निकलकर मीडिया से बात करते हुए।

शुरू हुई बयानबाजी

अख्तरउल इमाम की इस टिप्पणी ने शपथ के बाद तूल पकड़ लिया। भाजपा विधायकों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए। अगर हिंदुस्तान शब्द बर्दाश्त ही नहीं तो फिर यहां उन्हें यहां रहने का कोई हक नहीं। अख्‍तरुल ईमान के विवादित बोल के बाद विधान सभा परिसर में बीजेपी विधायक नीरज बबलू ने कहा - यह गलत नियति है। गलत परंपरा है। जो लोग हिंदुस्‍तान नहीं बोल सकते, उन्‍हें हिंदुस्‍तान में नहीं रहना चाहिए। ऐसे लोगों को पाकिस्‍तान चले जाना चाहिए।

बोले अख्‍तरूल

शपथ ग्रहण के बाद पत्रकारों से बातचीत के क्रम में अख्तरउल ईमान ने कहा कि भारत शब्द के अनुवाद पर उनका विरोध था। इसके अतिरिक्त कोई और मसला नहीं था। वहीं उर्दू में शपथ की जो कॉपी दी जाती है वह बेहतर नहीं होती है। कागज और उसकी टाइपिंग भी स्तरीय नहीं होती।

इसके पहले पूर्व सांसद आंनद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने अंग्रेजी में और रामप्रीत पासवान ने मैथिली में शपथ ली।  पहले दिन 122 और दूसरे दिन 123 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। जिन विधायकों का नंबर मंगलवार को आएगा उन्हें सेंट्रल हॉल में प्रवेश के पहले ही वापस कर दिया गया।

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