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Dial-112 टीम पर हमला हुआ तो थानेदार पर गिरेगी गाज, बिहार पुलिस मुख्यालय ने जारी किया सख्त आदेश

Published: Sun, 20 Sep 2026 06:51 AM (IST)

पुलिस मुख्यालय ने डायल-112 टीम पर हमले की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त आदेश जारी किए हैं। अब ...और पढ़ें

डायल 112 को लेकर पुल‍िस मुख्‍यालय ने जारी क‍िया आदेश। सांकेत‍िक तस्‍वीर

डायल 112 को लेकर पुल‍िस मुख्‍यालय ने जारी क‍िया आदेश। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. डायल-112 टीम पर हमले पर थानाध्यक्ष पर होगी कार्रवाई।

  2. डायल-112 को फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में उपयोग करें।

  3. पुलिस पर हमला मामलों में स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाएं।

राज्य ब्यूरो, पटना। आपातकालीन मदद के लिए पहुंचने वाली पुलिस की डायल-112 टीम पर अगर हमला होता है तो संबंधित थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की जाएगी।

उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी। पुलिस पर बढ़ते हमले की घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय आइजी-डीआइजी को इससे जुड़ा विस्तृत आदेश-निर्देश जारी किया है।

इसकी प्रति सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को भी भेजी गई है। एडीजी विधि-व्यवस्था केएस अनुपम ने सभी एसपी और थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि डायल-112 का उपयोग फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में करें।

इंस्‍पेक्‍टर और एसडीपीओ के स्‍तर से छापेमारी का ब्‍योरा भी तलब 

यानी सूचना आने पर पुलिस की ओर से मिलने वाली पहली मदद। अभियुक्तों की गिरफ्तारी, भूमि विवाद से जुड़े मामलों, वारंट एवं कुर्की तामिला और छापेमारी हमेशा इंस्पेक्टर या अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में किया जाना चाहिए।

पुलिस मुख्यालय ने हर माह इंस्पेक्टर और एसडीपीओ के स्तर से कितनी छापेमारियां की गई हैं, इसका ब्योरा भी तलब किया है। थानों के वाहनों को भी लगातार गश्ती करने का निर्देश दिया गया है।

इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

होमगार्ड और महिला सिपाहियों के भरोसे डायल-112

दरअसल, पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि डायल-112 वाहनों पर सिर्फ एक-दो होमगार्ड और एक-दो महिला सिपाही से ड्यूटी कराई जा रही है।

इसी कारण डायल-112 के वाहन और कर्मियों पर हमले की घटनाएं अधिक हो रही हैं। पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि डायल-112 वाहनों पर पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ महिला पुलिस एवं पर्याप्त बल ड्यूटी करें। महिला से संबंधित अपराध की घटनाओं को रोकना डायल-112 की प्राथमिकता होनी चाहिए।

पुलिस पर हमला वाले कांडों का स्पीडी ट्रायल, चिह्नित करें पांच-पांच कांड

पुलिस पर हमला करने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसे आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।

जून, जुलाई और अगसत माह में पुलिस पर हमले से जुड़े कांडों में 1166 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। अब सभी जिलों को कम से कम पांच-पांच कांड चिह्नित कर चार्जशीट करने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

इन मामलों में फरार अभियुक्तों के विरुद्ध कोर्ट से आदेश लेकर वारंट एवं कुर्की की कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।

जिन कांडों में सीसीटीवी या मोबाइल वीडियो फुटेज उपलबध है, उसे कोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने को कहा गया है। गवाहों एवं पीडि़तों के द्वारा अभियुक्त की पहचान के लिए दोषियों की परेड अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है।

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