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बिहार में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे 400 हॉस्टल, डीएम-एसपी को मिले कार्रवाई के आदेश

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:32 PM (GMT+05:30)

बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य में हॉस्टल और पीजी की सुरक्षा ऑडिट हुई, जिसमें 400 हॉस्टल बिना निबंधन के पाए गए।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. 400 अनिबंधित हॉस्टलों पर कार्रवाई के निर्देश जारी।

  2. सामुदायिक पुलिसिंग से आमजनता की समस्याओं का समाधान।

  3. चार हजार अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव।

राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में हॉस्टल और पीजी की सुरक्षा ऑडिट कराई गई है। इसमें करीब 400 हॉस्टल ऐसे पाए गए हैं, जिनका निबंधन नहीं है।

इन हॉस्टलों के निबंधन न कराने पर संबंधित जिलों के डीएम-एसपी को कार्रवाई करने का टास्क दिया है। पुलिस मुख्यालय में सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) विधि-व्यवस्था केएस अनुपम एवं एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

एडीजी अनुपम ने बताया कि पुलिस दीदी की मदद से निजी गर्ल्स हॉस्टल की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बक्सर में स्कूली छात्राओं के साथ गलत हरकत करने वाले तीनों आरोपितों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द ही इनके खिलाफ चार्जशीट दायर कर ट्रायल शुरू कराया जाएगा।

एडीजी सुनील कुमार ने बताया कि डीजीपी के निर्देश के बाद सभी थानों में सामुदायिक पुलिसिंग की पहल शुरू कर दी गई है। इसके लिए विधि-व्यवस्था संभालने वाले सहायक एसएचओ ही सामुदायिक पुलिसिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

थाना पुलिस आमजनता से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी। इसके लिए सभी थानों में रजिस्टर भी रखा जाएगा जिसमें प्रत्येक महीने निपटाए गए मामलों की जानकारी अंकित की जाएगी।

भूमि विवाद, छोटे-मोटे झगड़े एवं अन्य विवाद का निपटारा आपसी सहमति से करने में भी सामुयादिक पुलिसिंग की भूमिका अहम होगी।

चार हजार अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव

एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि बालू, जमीन एवं शराब के अवैध कारोबार से जुड़े किंगपिन एवं अन्य अपराधियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अभी तक चार हजार से अधिक अपराधियों को चिन्हित किया गया है। सभी जिलों से इससे संबंधित प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 800 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव कोर्ट के स्तर पर विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि 11 से 20 जुलाई तक चलाए गए कुर्की निष्पादन अभियान के तहत पांच हजार कुर्की का निष्पादन किया गया है।

पुलिस पर हमला करने वाले 1166 आरोपित गिरफ्तार

एडीजी ने बताया कि जून से अगस्त तक विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले 1229 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, इसमें सर्वाधिक 1166 आरोपित पुलिस पर हमले में पकड़े गए हैं।

इसके अलावा सांप्रदायिक हिंसा में 42 जबकि भीड़ के द्वारा हिंसा में 11 को गिरफ्तार किया गया है। जून से अगस्त तक दो लाख 38 हजार लोगों पर पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की है।

दस दिनों में 33 हजार लंबित कांडों का निष्पादन

एडीजी विधि-व्यवस्था ने बताया कि 21 जुलाई से 30 जुलाई तक करीब दस दिनों में 33 हजार 390 लंबित कांडों का निष्पादन किया गया है।

इसमें दस हजार से अधिक कांड एसपी के स्तर पर, नौ हजार से अधिक कांड डीएसपी के स्तर पर जबकि 13 हजार से अधिक कांडों का निष्पादन सर्किल इंस्पेक्टर के स्तर पर किया गया है।

लंबित कांडों की निगरानी के लिए टीएमएस (ट्रायल मॉनीटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर 6223 गंभीर एवं महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों को अपलोड किया गया है। इसमें आर्म्स एक्ट के 3896, हत्या के 791, लूट एवं डकैती के 258, रेप एवं पाक्सो एक्ट से संबंधित 925 कांड शामिल हैं।

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