Bihar: सभी पुलिस रेंज में FSL जांच की सुविधा जल्द, लगाए जा रहे उपकरण, इन जिलों में मोबाइल वैन की सुविधा
बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब सभी पुलिस रेंज में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच की सुविधा मिलेगी। इसके लिए सभी रेंज में ज़रूरी उपकरण लगाए जा रहे हैं। कुछ जिलों में मोबाइल वैन भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे घटनास्थल पर ही जांच हो सके और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिले।

नौ रेंज में काम लगभग पूरा। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी 12 पुलिस रेंज में जल्द ही विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की सुविधा शुरू हो जाएगी। अभी पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में क्षेत्रीय एफएसएल है, जहां जांच की जा रही है।
राजगीर में मई में एफएसएल जांच शुरू हुई है। पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारियों के अनुसार, अन्य नौ पुलिस रेंज पूर्णिया, गया, सारण, मुंगेर, बेतिया, रोहतास, सहरसा, बेगूसराय और दरभंगा में भवन निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है।
पूर्णिया में सबसे पहले एफएसएल जांच शुरू हो सकती है। इसके बाद जल्द ही अन्य जगहों पर भी एफएसएल जांच शुरू हो जाएगी। अभी उपकरण लगाने का काम चल रहा है।
सात साल से अधिक सजा मामले में FSL जांच अनिवार्य
दरअसल, नए आपराधिक कानून के लागू होने जाने के बाद अनुसंधान से लेकर ट्रायल तक वैज्ञानिक जांच की महत्ता बढ़ गई है। सात साल से अधिक सजा वाले सभी मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य की गई है।
ऐसे में एफएसएल के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिनके जल्द निष्पादन के लिए अधिक लैब की जरूरत है। पुलिस रेंज वाले जिलों के अलावा शेष 28 पुलिस जिलों में जिला चलंत विधि-विज्ञान प्रयोगशाला की स्वीकृति भी मिली हुई है।
एफएसएल जांच के लिए 15 करोड़ से 34 मोबाइल फारेंसिक वैन की खरीद भी की गई है। फारेंसिक उपकरणों के लिए 9.65 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
अभी यहां है एफएसएल जांच की सुविधा
- पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, राजगीर
यहां जल्द शुरू होगी एफएसएल
- पूर्णिया, गया, सारण, मुंगेर, बेतिया, रोहतास, सहरसा, बेगूसराय और दरभंगा।
एनएफएसयू से करार, हिंदी भवन में होगा कैंपस
राज्य में दो साइबर फारेंसिक लैब की भी स्थापना की जानी है। यह लैब पटना और राजगीर में शुरू होगी। इन दो लैब के शुरू होने के बाद साइबर अपराध के मामलों का अनुसंधान और तकनीकी जांच राज्य में ही हो सकेगी।
साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय (NFSU) से करार किया गया है। लैब शुरू होने तक इसका कैंपस राजधानी के हिंदी भवन में होगा।
नए एफएसएल लैब शुरू करने के साथ पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सीआइडी की ओर से 2022 से अब तक तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इसमें मुख्य तौर पर एफएसएल जांच, फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डिजिटल फारेंसिक, मोबाइल-सीसीटीवी एनालिसिस आदि के साथ में नए कानूनों और कोर्ट के नए आदेशों के बारे में जानकारी दी जाती है।

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