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बिहार में डीजे पर पुलिस का शिकंजा, 12 हजार संचालकों ने भरा बांड; अश्लील गाने और तेज आवाज पर होगी कार्रवाई

Published: Fri, 23 Oct 2026 10:01 PM (IST)

बिहार पुलिस ने पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल, अश्लील गीतों और तेज आवाज पर कार्रवाई शुरू की है। शांति ...और पढ़ें

नियम तोड़े तो दर्ज होगा मामला

नियम तोड़े तो दर्ज होगा मामला

HighLights

  1. पर्व-त्योहारों पर डीजे के इस्तेमाल, अश्लील गानों पर पुलिस का शिकंजा।

  2. राज्यभर में 12 हजार से अधिक डीजे संचालकों ने भरा बांड।

  3. नियम तोड़ने पर बिहार लाउडस्पीकर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल, अश्लील गीतों और तेज आवाज पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दुर्गापूजा से लेकर दिवाली और छठ तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानास्तर पर डीजे संचालकों को चिह्नित कर उनसे बांड भरवाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अब तक प्रदेशभर में 12 हजार से अधिक डीजे संचालकों से बांड भरवाया जा चुका है।

डीजे बजाने से लेकर अश्लील गीतों तक पर रहेगी नजर

पुलिस डीजे संचालकों से पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे का इस्तेमाल नहीं करने, अश्लील गीत नहीं बजाने और मानक के अनुसार लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने की सहमति ले रही है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण करना है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में डीजे संचालकों की पहचान कर उन्हें नियमों की जानकारी दी जा रही है।

पटना में 203, भागलपुर में 439 संचालकों ने भरा बांड

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, पटना जिले में अब तक 203 डीजे संचालकों से बांड भरवाया गया है। मुजफ्फरपुर में 296 और भागलपुर में 439 संचालकों ने बांड भरा है। वहीं, सहरसा इस सूची में सबसे आगे है, जहां 2,057 डीजे संचालकों से बांड भरवाया गया है।

जिलों में यह कार्रवाई थानास्तर पर की जा रही है। प्रशासन का जोर है कि त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल को लेकर तय निर्देशों का पालन हो और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

नियम तोड़े तो दर्ज होगा मामला

डीजे संचालकों को चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर बिहार लाउडस्पीकर एक्ट, 1955 और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियम, 2000 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने और इसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।

इसके साथ ही पूजा समितियों के साथ होने वाली शांति समिति की बैठकों में भी इन नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी तरह के विवाद, शोर-शराबे और कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकना है।

दुर्गापूजा से पहले तीन लाख से अधिक लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, दुर्गापूजा से पहले राज्यभर में तीन लाख से अधिक लोगों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। इसके साथ ही डीजे संचालकों से बांड भरवाने और पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाने जैसे कदम उठाए गए।

पुलिस के अनुसार, इन तैयारियों का असर दुर्गापूजा के दौरान देखने को मिला। पूजा से लेकर विसर्जन जुलूस तक स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी भी जिले से बड़ी घटना या हिंसक प्रदर्शन की सूचना नहीं मिली।

पिछले वर्षों में दर्ज हुई थीं कई घटनाएं

पुलिस मुख्यालय के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दुर्गापूजा के दौरान वर्ष 2021 में 24 घटनाएं दर्ज की गई थीं। वर्ष 2022 और 2023 में 12-12 घटनाएं, जबकि 2024 और 2025 में 16-16 घटनाएं दर्ज हुई थीं।

इस बार दुर्गापूजा और विसर्जन के दौरान बड़ी घटना की सूचना नहीं मिलने को पुलिस की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, आगामी दिवाली और छठ को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी और एहतियाती कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

बांड भरवाने में सहरसा सबसे आगे, टॉप-10 जिलों की सूची

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, डीजे संचालकों से बांड भरवाने के मामले में सहरसा सबसे आगे है। जिलेवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

जिला बांड भरने वाले डीजे संचालक
सहरसा 2,057
गयाजी 708
सिवान 638
बेगूसराय 619
मोतिहारी 534
नालंदा 515
जमुई 491
सारण 483
दरभंगा 451
भागलपुर 439

पुलिस की ओर से पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीजे संचालकों, पूजा समितियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। दिवाली और छठ के दौरान भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।