बिहार में CCTNS से खुली पुलिस अधिकारियों की पोल, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपलोड करने में लापरवाही
पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट में एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्षों की सीसीटीएनएस ऑनलाइन प्रणाली में अरुचि सामने आई है।
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सांकेतिक तस्वीर
HighLights
एसडीपीओ, थानेदार सीसीटीएनएस ऑनलाइन प्रणाली में नहीं ले रहे रुचि।
पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट में लापरवाही का हुआ खुलासा।
जमुई-गया ने ऑनलाइन चार्जशीट अपलोड करने में किया बेहतर प्रदर्शन।
कुमार रजत, पटना। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष और अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) पुलिस की आनलाइन कार्य प्रणाली में रुचि नहीं ले रहे।
पुलिस मुख्यालय के स्तर से सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) की समीक्षा रिपोर्ट में क्षेत्रीय स्तर पर यह लापरवाही सामने आई है।
सर्किल इंस्पेक्टर और पर्यवेक्षी पदाधिकारियों के कार्यालयों से कई दस्तावेजों के गायब होने की शिकायतें भी मिली हैं। इसके कारण 2023 से लेकर अबतक सीसीटीएनएस पर अपलोड किए जाने की रफ्तार पर भी असर पड़ा है।
पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के स्तर से अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यों की नियमित एवं प्रभारी मानीटरिंग नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
आइओ से लेकर डीएसपी रैंक तक के लापरवाह पदाधिकारियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की अनिच्छा की बात भी रिपोर्ट में उठाई गई है।
एसएसपी और एसपी कार्यालय के अपराध शाखा के पदाधिकारियों के भी अनुसंधान में नगण्य योगदान करने पर समीक्षा रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है।
क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों को सीसीटीएनएस के काम में तेजी लाने और इसकी मासिक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
ऑनलाइन चार्जशीट में जमुई-गया आगे
सीसीटीएनएस की अपडेट रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी से सितंबर तक प्राथमिकी, चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट अपलोड करने के मामले में जमुई, गया, शेखपुरा, बेगूसराय और पूर्णिया जिले टाप-5 में हैं।
वहीं, इस दौरान सबसे खराब प्रदर्शन रेल मुजफ्फरपुर, रेल जमालपुर, किशनगंज, शिवहर और सारण का रहा है। इसमें लंबित काडों को भी सीसीटीएनएस पर अपलोड किया जा रहा है। पटना में भी सीसीटीएनएस का काम संतोषजनक नहीं पाया गया है।
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीएनएस पर प्रतिवेदित कांडों की तुलना में स्टेशन डायरी, आरोप-पत्र और फाइनल रिपोर्ट अपलोड किए जाने में पिछले कुछ माह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नए प्रतिवेदित कांडों की तुलना में निष्पादित कांडों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
इसके साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में 60 से 90 दिनों की निर्धारित अवधि में निष्पादित किए जाने वाले कांडों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है, मगर इसमें अभी और सुधार की जरूरत है।
नवीन तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों को पुलिस मुख्यालय एवं क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी रूप से अपनाने और उपयोग करने में रुचि और तत्परता का अभाव है।
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