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बिहार के हर जिले में बनेगा उसना चावल, 15 अक्टूबर तक राइस मिलरों का रजिस्ट्रेशन जरूरी

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:42 PM (IST)

राज्य सरकार ने इस वर्ष धान अधिप्राप्ति व्यवस्था के तहत हर जिले में अधिकतम मात्रा में उसना चावल तैयार कराने ...और पढ़ें

मिलरों को समय पर पूरी करनी होगी तैयारी

मिलरों को समय पर पूरी करनी होगी तैयारी

HighLights

  1. हर जिले में अधिकतम उसना चावल तैयार करने का लक्ष्य।

  2. राइस मिलरों का 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन निबंधन अनिवार्य।

  3. जीपीएस और जियो फेंसिंग से निगरानी होगी मजबूत।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने इस वर्ष धान अधिप्राप्ति व्यवस्था के तहत हर जिले में अधिकतम मात्रा में उसना चावल तैयार कराने का फैसला लिया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राइस मिलरों को तैयारी पूरी करने और 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से निबंधन कराने का निर्देश दिया है।

धान अधिप्राप्ति में शामिल होने के इच्छुक मिलरों का ऑनलाइन निबंधन बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के पोर्टल पर शुरू हो गया है।

मिलरों को समय पर पूरी करनी होगी तैयारी

विभाग ने सभी चावल मिल संचालकों से उसना चावल तैयार करने की आवश्यक व्यवस्था समय रहते पूरी करने की अपील की है।

इस बार धान की मिलिंग करने वाली मिलों के लिए कार्यकारी विद्युत संयोजन अनिवार्य किया गया है। मिलों की मासिक बिजली खपत की जानकारी विद्युत वितरण कंपनियों से सीधे प्राप्त की जाएगी।

जीपीएस से होगी धान-चावल की ढुलाई

पिछले वर्ष की तरह इस बार भी धान और चावल के परिवहन वाले वाहनों का ऑनलाइन निबंधन और सत्यापन अनिवार्य होगा। ढुलाई केवल जीपीएस युक्त वाहनों से की जाएगी।

वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन केंद्र सरकार के वाहन सारथी पोर्टल से किया जाएगा। इससे परिवहन व्यवस्था पर निगरानी मजबूत होगी।

जियो फेंसिंग से मिल परिसर की होगी निगरानी

राइस मिलों के परिसर को जियो फेंसिंग के दायरे में लाया जाएगा। वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग बिहार राज्य खाद्य निगम के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) से होगी। इससे धान और चावल की ढुलाई के दौरान वाहन की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।

तकनीक से मजबूत होगी अधिप्राप्ति व्यवस्था

विभागीय मंत्री अशोक चौधरी के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम मात्रा में उसना चावल तैयार करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।

तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से धान अधिप्राप्ति, मिलिंग और परिवहन की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। सरकार का जोर पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर है।