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पंचायत सरकार भवन में रोज हाजिरी अनिवार्य, बायोमीट्रिक से ब‍िहार सरकार करेगी निगरानी; रुक सकता है वेतन

Published: Tue, 06 Oct 2026 09:18 PM (IST)

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पंचायत सरकार भवनों में पंचायत-स्तरीय कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान होगा।

पंचायत सरकार भवन में बैठना अनिवार्य। सांकेत‍िक तस्‍वीर

पंचायत सरकार भवन में बैठना अनिवार्य। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. मुख्य सचिव ने पंचायत कर्मियों की पंचायत भवन में उपस्थिति अनिवार्य की।

  2. बायोमीट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज होगी, वेतन उसी पर आधारित।

  3. अनुपस्थित रहने पर कर्मियों का वेतन रोका जाएगा, होगी कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पंचायत सरकार भवनों में पंचायत-स्तरीय कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

कहा है कि वे प्रतिदिन वहां उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उनकी उपस्थिति बायोमीट्रिक प्रणाली से दर्ज होगी और उसी उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान होगा।

विभागीय प्रमुखों को निर्देश है कि उपस्थित नहीं रहने वाले कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करें। उनका वेतन भी रोका जा सकता है।

बायोमेट्रिक उपस्थिति होगी, अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई

ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों के साथ सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव ने यह निर्देश दिया है।

लिखा है कि पता चला है कि पंचायत सरकार भवनों में पंचायत-स्तरीय कर्मियों की नियमित उपस्थित नहीं हो रही। इससे पंचायतों में निर्धारित सुविधाएं आम नागरिकों को नहीं मिल रहीं। इस प्रवृत्ति पर अविलंब रोक लगाई जाए। 

ये सभी हैं पंचायत स्‍तरीय कर्मी 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के राजस्व कर्मचारी, पंचायती राज विभाग के पंचायत सचिव, ग्राम कचहरी सचिव, तकनीकी सहायक, लेखापाल एवं कार्यपालक सहायक, ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत रोजगार सेवक, आवास सहायक एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक, कृषि विभाग के किसान सलाहकार तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के विकास मित्र पंचायत-स्तरीय कर्मियों मेंं सम्मिलित हैं।

मिनी सचिवालय है पंचायत भवन

पंचायत सरकार भवनों की परिकल्पना ‘मिनीसचिवालय’ के रूप में की गई है। इनमें पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं पंचायत स्तर के कर्मियों के लिए कार्यालय, पंचायत/स्थायी समितियों की बैठकों के लिए हाॅल बना है। 

नागरिकों के लिए स्वागत कक्ष, महत्वपूर्ण कर्मियों के लिए आवासीय खंड तथा लोक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सेवा केंद्र आदि की व्यवस्था है। राज्य में अब तक 3215 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण हो चुका है।