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Bihar News: पंचायत सरकार भवनों में अब गांव के कारपेंटर बनाएंगे फर्नीचर, 3200 पंचायतों को मिलेंगे 12-12 लाख रुपये

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:00 AM (IST)

पंचायती राज विभाग बिहार के पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह सुविधायुक्त बनाने की तैयारी में है। इसके तहत 3200 ...और पढ़ें

पहले चरण में 3200 पंचायत भवनों पर फोकस

पहले चरण में 3200 पंचायत भवनों पर फोकस

HighLights

  1. पंचायत सरकार भवनों को सुविधायुक्त बनाने की तैयारी।

  2. स्थानीय कारपेंटरों को फर्नीचर बनाने का काम मिलेगा।

  3. प्रत्येक पंचायत को 12 लाख रुपये का फर्नीचर मिलेगा।

रमण शुक्ला, पटना। नए पंचायत सरकार भवनों को सिर्फ भवन बनाकर छोड़ने के बजाय अब उन्हें पूरी तरह सुविधायुक्त बनाने की तैयारी है। पंचायती राज विभाग पंचायत सरकार भवनों के लिए टेबल, कुर्सी, अलमारी, बेंच समेत जरूरी फर्नीचर की खरीद स्थानीय कारपेंटरों से कराने की योजना पर काम कर रहा है। इससे पंचायतों को जरूरत के मुताबिक फर्नीचर मिलेगा और स्थानीय कारीगरों को भी काम का अवसर मिलेगा।

पहले चरण में 3200 पंचायत भवनों पर फोकस

योजना के तहत राज्य की 8041 पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से फर्नीचर उपलब्ध कराने की तैयारी है। पहले चरण में नव निर्मित करीब 3200 पंचायत सरकार भवनों के लिए हर पंचायत को 12 लाख रुपये के फर्नीचर की खरीद का प्रस्ताव है।

विभागीय बैठक में इस व्यवस्था पर सहमति बनने के बाद अब कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

भवन के साथ जरूरी संसाधन भी होंगे उपलब्ध

सरकार का जोर पंचायत सरकार भवनों को पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज और जनसुविधाओं का केंद्र बनाने पर है। इसके लिए भवनों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी माना जा रहा है।

कई जगह भवन तैयार होने के बावजूद फर्नीचर और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।

पंचायत की जरूरत के हिसाब से तैयार होगा फर्नीचर

स्थानीय कारपेंटरों से फर्नीचर तैयार कराने से पंचायत भवन की जरूरत के अनुसार टेबल और कुर्सियों का आकार तय किया जा सकेगा। कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के लिए कुर्सियां, दस्तावेज रखने के लिए अलमारी और ग्रामीणों के बैठने के लिए बेंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे फर्नीचर को स्थानीय जरूरत के मुताबिक तैयार कराने में मदद मिलेगी।

गांव के कारीगरों को मिलेगा काम

इस योजना का एक अहम पहलू स्थानीय रोजगार से भी जुड़ा है। पंचायत स्तर पर फर्नीचर का काम मिलने से बढ़ई और दूसरे स्थानीय कारीगरों को रोजगार का अवसर मिल सकता है।

सरकार की मंशा है कि पंचायत सरकार भवनों पर होने वाला खर्च अधिक से अधिक स्थानीय स्तर तक पहुंचे और उसका आर्थिक लाभ गांव के कारीगरों को मिले।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी रहेगा जोर

फर्नीचर खरीद में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। पंचायत सरकार भवन की जरूरत के आधार पर फर्नीचर की सूची और संख्या तय की जाएगी। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से नवनिर्मित और पहले से बने पंचायत सरकार भवनों में जरूरी फर्नीचर उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।