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बिहार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, डुगडुगी बजाकर होगी नए निर्वाचन क्षेत्रों की घोषणा

Published: Fri, 10 Apr 2026 08:37 PM (GMT+05:30)

राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी चुनावों की तैयारी तेज कर दी है। नगर निकायों ...और पढ़ें

बिहार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, डुगडुगी से होगी नए निर्वाचन क्षेत्रों की घोषणा (AI Generated Image)

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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। इसको लेकर आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। बड़ी संख्या में त्रिस्तरीय पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या एवं क्षेत्र काे काटकर नगर निकायों का विस्तार किया गया है।

ऐसे में अब नए क्षेत्र निर्धारण की घोषणा लोगों की जानकारी के लिए डुगडुगी बाजाकर की जाएगी। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रपत्र-1 का प्रारूप तैयार कर 27 अप्रैल को प्रकाशित किया जाए।

27 अप्रैल से 11 मई तक आपत्तियां ली जाएंगी। अंतिम रूप से प्रपत्र-1 का प्रकाशन 25 मई को किया जाएगा। जिलों के भेजे गए निर्देश के अनुसार वर्ष 2015 में प्रकाशित प्रपत्र-1 के आधार पर 2016 में चुनाव संपन्न कराए गए थे। अब 2026 के चुनाव को देखते हुए इसमें आवश्यक संशोधन किया जा रहा है।

खासतौर पर उन क्षेत्रों में बदलाव किया जाएगा जहां ग्रामीण इलाके नगर निकाय में सम्मिलित हो चुके हैं। ऐसे क्षेत्रों की जनसंख्या और वार्ड का विवरण अलग से दर्शाया जाएगा ताकि भ्रम की स्थिति नहीं बने।

आयोग ने कहा है कि प्रपत्र-1 में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया, सरपंच, पंचायत सदस्य और पंच जैसे सभी पदों की जानकारी सम्मिलित रहेगी। इसमें संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या, पंचायत का नाम, वार्ड और अन्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाएगा और सभी आंकड़े वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। प्रारूप के प्रकाशन के बाद आम लोगों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।

27 अप्रैल से 11 मई तक आपत्तियां ली जाएंगी। 18 मई से 22 मई तक आपत्तियों का निष्पादन किया जाएगा। अंतिम रूप से प्रपत्र-1 का प्रकाशन 25 मई को किया जाएगा, जबकि 29 मई को इसे जिला गजट में प्रकाशित किया जाएगा।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रारूप को ग्राम पंचायत, प्रखंड और जिला कार्यालयों में चस्पा किया जाए। इसके साथ ही हाट-बाजार में डुगडुगी ढोल-नगाड़ा बजाकर सूचना देने, अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया है। आपत्तियों की जांच के लिए अधिकृत पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला परिषद स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी और अपील के मामले में जिला पदाधिकारी निर्णय लेंगे। आयोग ने साफ किया है कि केवल जनसंख्या से संबंधित आपत्तियां ही स्वीकार की जाएगी।

प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विभिन्न प्रमंडलों में 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयोग ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया है।