जागरण टीम, पटना। बिहार में कोरोना की दूसरी लहर दम तोड़ने को है। ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने वालों ने तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार एक तीर से दो निशाने लगाने को तैयार है। वैक्सीनेशन टीम को जनप्रतिनिधियों के सहयोग न मिलने की खबरों के बीच कोरोना का टीका न लगवाने वाले चुनाव लड़ने से वंचित किए जा सकते हैं। बिहार के पंचायती राज विभाग के स्तर पर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अब बस, सरकार की मंजूरी मिलने का इंतजार बाकी है। प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग के पास भेजा जाएगा। सरकार मंजूरी मिलते ही लागू हो जाएगा। 

टीका न लेने वालों को चुनाव से रोकना साहसिक निर्णय : सुशील मोदी

राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने जारी बयान में कहा है कि बिहार में व्यापक और तेज कोरोना टीकाकरण के लिए टास्क फोर्स का गठन स्वागत योग्य है। वहीं, सरकार का टीका नहीं लेने वालों को पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने का निर्णय साहसिक है। दोनों फैसले लोगों का जीवन बचाने की प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण हैं। कोरोना की तीसरी लहर आने से पहले बिहार सरकार ने योग दिवस 21 जून से टीकाकरण का महाभियान शुरू करने का बड़ा फैसला किया, उसमें सबको सहयोग करना चाहिए। इस अभियान में छह माह के अंदर छह करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है।

मानव समाज को दुर्लभ भेंट है योग

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को विश्व योग दिवस के अवसर पर कहा कि योग हमारी सभ्यता संस्कृति द्वारा मानव समाज को एक दुर्लभ भेंट है। हमारे मनीषी महर्षि पतंजलि ने तन, मन और जीवन को शुद्ध, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए योग का उपहार दिया है, जिससे हम विकार और रोग मुक्त होकर रचनात्मक और उर्जावान समाज का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी को योग करना चाहिए, जिससे शरीर निरोग रहे। 

Edited By: Akshay Pandey