बिहार में एक नवंबर से शुरू होगी धान की खरीद, 50 लाख टन का लक्ष्य बढ़ाने की मांग
बिहार सरकार ने केंद्र से खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन से बढ़ाकर ...और पढ़ें

एक नवंबर से शुरू होगी धान की खरीद
HighLights
बिहार ने केंद्र से धान खरीद लक्ष्य 50 लाख टन करने को कहा।
खरीद प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलेगी।
बढ़ा हुआ लक्ष्य राज्य की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करेगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान की खरीद एक नवंबर से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार ने इस बार धान खरीद के निर्धारित लक्ष्य को बढ़ाने की मांग केंद्र सरकार से की है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने का अनुरोध किया है।
35 लाख टन का लक्ष्य बताया अपर्याप्त
केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 2026-27 में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन निर्धारित किया है। राज्य सरकार का कहना है कि बिहार की मौजूदा खाद्यान्न जरूरत को देखते हुए यह लक्ष्य पर्याप्त नहीं है।
मंत्री के मुताबिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीडीएस दुकानों के माध्यम से राज्य में हर साल करीब 33.16 लाख टन चावल की आवश्यकता होती है। इस मात्रा को पूरा करने के लिए लगभग 48.87 लाख टन धान की जरूरत पड़ती है।
50 लाख टन खरीद से क्या होगा फायदा?
राज्य सरकार का तर्क है कि बिहार अब स्थानीय स्तर पर अपनी जरूरत के मुताबिक धान खरीद करने में सक्षम है। ऐसे में खरीद का लक्ष्य 50 लाख टन किए जाने से राज्य की खाद्यान्न आवश्यकता को स्थानीय स्तर पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा दूसरे राज्यों से चावल मंगाने पर होने वाली अतिरिक्त परिवहन लागत में भी कमी आ सकती है। सरकार का मानना है कि स्थानीय खरीद बढ़ने से खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
एक नवंबर से शुरू होगी धान की खरीद
बिहार में इस वर्ष धान की खरीद की प्रक्रिया एक नवंबर 2026 से शुरू होगी। किसानों से धान खरीद का सिलसिला 31 मार्च 2027 तक चलने का प्रस्ताव है।
अब केंद्र सरकार के स्तर पर राज्य की मांग पर फैसला होना बाकी है। यदि लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख टन किया जाता है, तो बिहार में निर्धारित खरीद की मात्रा राज्य की अनुमानित जरूरत के करीब पहुंच जाएगी।
