दीनानाथ साहनी, पटना। यूं तो सियासत और अफसरशाही का पुराना नाता है। नौकरी में रहने के दौरान नेताओं की आंख, कान और नाक अफसर ही होते हैं। चूंकि बिहार में अब नई सरकार का गठन हो चुका है, लिहाजा बदले सियासी सीन में अफसरशाही का चेहरा भी बदलेगा। प्रदेश में गठबंधन के बदलते ही अफसरशाही खेमे में भी हड़कंप है। अटकलें शुरू हो चुकी हैं। कई चेहरों का बदलना तय माना जा रहा है।

राज्य सरकार में कई ऐसे विभाग हैं, जिनमें वर्षों से एक ही अधिकारी जमे हुए हैं। किसी-किसी विभाग में अफसरों ने तो तीन वर्ष की अधिकतम अवधि भी पार कर ली है। जाहिर है, समाजवादी सरकार में नए भागीदार की पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी। भाजपा सरकार में जो चहेते थे, अब उन्हें किनारे किया जा सकता है।

प्रशासनिक ढांचे में बदलाव तय

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बाद अब महागठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के शपथ लेते ही पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव होना तय माना जा रहा है। खुद उप मुख्यमंत्री के तौर पर तेजस्वी यादव भी चाहेंगे कि उनकी पार्टी के कोटे वाले विभागों में अफसरों की टीम उनके हिसाब से बनाई जाए। कई जिलों में एसडीओ, डीडीसी से लेकर जिलाधिकारी तक बदले जाएंगे। इसी तरह कई विभागों में निदेशक, सचिव और प्रधान सचिव भी नए सिरे से तैनात होंगे। इसका अनुमान उन नौकरशाहों को भी है, जो खास नेताओं व मंत्रियों के चहेते रहे हैं।

अफसरशाही में बदलाव को लेकर सियासी गलियारों से लेकर सचिवालयों में अफसरों और बाबुओं के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता है। वित्त विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, सिंचाई विभाग, सड़क विभाग, श्रम संसाधन और गृह विभाग से लेकर जिलों में कई पुलिस कप्तानों को बदले जाने की चर्चा है। कयास यह भी है कि विभिन्न बोर्ड, निगमों और निदेशालयों में मनोनयन भी जल्द होगा। यह काम दो-तीन बरसों से अटका है।

कई अफसरों को मिल सकती हैं अहम जिम्मेदारियां

माना जा रहा है कि नई सरकार में उन अफसरों के भी अच्छे दिन लौट आने की उम्मीद है, जो प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों से दूर थे। वहीं कई अफसरों को अहम जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं तो कई सेवानिवृत्त अफसर जो आयोगों एवं बोर्डों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, उन्हें आगे सेवा विस्तार नहीं दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसे लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जिन अफसरों ने राज्य में विकास कार्य को आगे बढ़ाने और सुशासन को स्थापित करने में अपना योगदान दिया है।

ऐसे अफसरों की जिम्मेदारी और बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री बिहार कैडर के बाहर के अफसरों को भी यहां लाने और मौका देने में गुरेज नहीं किए हैं। ऐसे कई अफसर अब भी मौजूदा सरकार में कार्य कर रहे हैं और महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभालते हुए राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे बिहार कैडर के कई अफसरों को भी वापस बुलाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। 

Edited By: Rahul Kumar