Bihar News: हर जिले में मॉडल सहकार ग्राम, नाबार्ड के सहयोग से गांवों में खुलेंगे कोआपरेटिव बैंक और कृषि यंत्र बैंक
बिहार सरकार नाबार्ड के सहयोग से प्रत्येक जिले में एक मॉडल सहकार ग्राम विकसित करेगी, जिसका उद्देश्य सहकारिता को गांव, ...और पढ़ें

हर जिले में खुलेगा कोआपरेटिव बैंक का ब्रांच
HighLights
प्रत्येक जिले में नाबार्ड संग मॉडल सहकार ग्राम विकसित होगा।
इन ग्रामों में कोआपरेटिव बैंक और कृषि यंत्र बैंक खुलेंगे।
युवाओं और महिलाओं हेतु कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
दीनानाथ साहनी, पटना। नई सहकारिता नीति, 2026 को गति देने के लिए बिहार सरकार नाबार्ड के सहयोग से प्रत्येक जिले में एक माडल सहकार ग्राम विकसित करने जा रही है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने रोडमैप तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य सहकारिता को गांव, रोजगार और स्थानीय कारोबार से जोड़ना है।
मॉडल ग्रामों में प्रौद्योगिकी समावेशन, प्रशिक्षण और कौशल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं की सहभागिता बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
हर जिले में खुलेगा कोआपरेटिव बैंक का ब्रांच
माडल सहकार ग्राम में कोआपरेटिव बैंक के ब्रांच खोले जाएंगे। इसके साथ ही कृषि यंत्र बैंक की स्थापना होगी, जहां किसानों को कम दरों पर कृषि यंत्र और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
निर्धारित दरों पर खाद-बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। किसानों के लिए अनाज भंडारण की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता देने का भी प्रविधान किया गया है।
डेयरी, मत्स्य पालन और लघु उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
माडल सहकार ग्राम की अवधारणा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। गांवों को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि और लघु उद्योगों जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनाज भंडारण, खुदरा व्यापार और अन्य सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
युवाओं और महिलाओं के लिए खुलेंगे कौशल विकास केंद्र
माडल ग्रामों में कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां युवाओं और महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला-केंद्रित सहकारी संस्थाओं को भी मजबूत करने की योजना है।
इन संस्थाओं का संचालन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। एक सदस्य, एक वोट के सिद्धांत के आधार पर सभी सदस्यों को समान अधिकार और लाभ सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
सहकारी समितियों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य
सहकारिता विभाग ने राज्य में सहकारी समितियों की संख्या में 30 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। नए और निष्क्रिय सदस्यों को फिर से सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। हर गांव में एक सहकारी समिति स्थापित करने की दिशा में भी काम होगा। विभाग का मानना है कि इससे सहकारिता का क्षेत्रीय विस्तार होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सस्ते ऋण से किसानों को मिलेगी मदद
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक माडल सहकार ग्राम विकसित करने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से सहकारिता के सफल प्रयोगों को एकीकृत रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
कोआपरेटिव बैंकों के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। कृषि यंत्र बैंक से कम दरों पर उपकरण मिलेंगे और खाद-बीज भी निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रत्येक जिले में एक माडल सहकार ग्राम विकसित करने का निर्देश दिया गया। सहकार ग्राम के माध्यम से सहकारिता के सफल प्रयोगों को एकीकृत रूप से प्रदर्शित किया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और मजबूत किया जा सकेगा। कोआपरेटिव बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध भी कराया जाएगा। कृषि यंत्र बैंक के माध्यम से कम दरों पर कृषि यंत्र और उपकरण उपलब्ध होंगे तथा निर्धारित दरों पर खाद-बीज मिलेंगे। किसानों के लिए भंडारण की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए सहायता दी जाएगी।
रामकृपाल यादव, सहकारिता मंत्री
