राज्य ब्यूरो, पटना । शिक्षा विभाग का पदभार संभालने के एक दिन बाद मंत्री चन्द्रशेखर ने बुधवार को अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में बिहार की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम बिहार के शिक्षा के माडल से संतुष्ट नहीं हैं। हमारा जो माडल चल रहा है, यह चिंताजनक है। शिक्षा को सुधारने के लिए हम जहां से होगा, नया माडल लाएंगे। हम केजरीवाल माडल देखने के लिए शिक्षा विभाग से लोगों को भेजेंगे। दुनिया भर के लोग उसे देखने आ रहे हैं, तो कुछ न कुछ उसमें बेहतर है। जिन्हें नफरत पढ़ानी है, पढ़ाएं, लेकिन हम मोहब्बत पढ़ाएंगे। जिन्हें गोलवलकर को पढ़ाना है पढ़ाएं, हम सामाजिक न्याय और आंबेडकर को पढ़ाएंगे। 

वर्ग कक्षा से दूर भागने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि प्रायोगिक कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। यह अद्भुत है। हमें सामाजिक न्याय की धारा वाली शिक्षा देना है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में शिक्षकों के शिक्षण कार्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वर्ग संचालन की स्थित ठीक नहीं है। हमें सुधार के लिए शिक्षकों को ईमानदारी से काम करना होगा। कक्षाओं में पढ़ाना होगा। इसलिए शिक्षकों और उनके संगठनों से हमारी अपील है कि समय रहते चेत जाएं। यदि कक्षा संचालन में लापरवाही बरतेंगे तो ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर कार्रवाई भी होगी।

अच्छा काम करें शिक्षक, तभी समान काम, समान वेतन

शिक्षकों को समान काम, समान वेतन देने के सवाल पर कहा कि शिक्षकों से जुड़ा इनपुट बेहतर आएगा तो हम काम करेंगे। हमें शिक्षक अपने अच्छे काम का आउटपुट देंगे, तो हम शिक्षा नीति में समान काम, समान वेतन को शामिल करेंगे। शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए शिक्षकों को ही आगे आना होगा, क्योंकि दुनिया को बदलने का सबसे शक्तिशाली हथियार शिक्षा है। 

Edited By: Rahul Kumar